मां की ममता पर सवाल, पति से झगड़े के बाद बच्ची को पिलाया तेजाब
अलवर / भिवाड़ी: राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी से एक दिल दहला देने वाली और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ मायके (पीहर) जाने की जिद पूरी न होने और पति से हुए मामूली विवाद के बाद एक कलयुगी मां ने गुस्से में आकर अपनी ही आठ महीने की दुधमुंही बच्ची को टॉयलेट साफ करने वाला तेजाब (एसिड) पिला दिया। इस खौफनाक वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है, वहीं मासूम बच्ची अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच कड़ा संघर्ष कर रही है। आरोपी महिला ने शुरुआत में पुलिस और परिजनों को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन बाद में उसका एक कबूलनामा ऑडियो सामने आने के बाद सच उजागर हो गया।
छुट्टी न मिलने की बात पर उपजा था खूनी गुस्सा
यह दर्दनाक वाकया भिवाड़ी में रहने वाले मोहित के घर का है, जो एक सोलर पैनल बनाने वाली कंपनी में काम करते हैं। बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी सपना पिछले तीन दिनों से अपने मायके जाने की जिद पर अड़ी हुई थी। इस पर पति मोहित ने उसे समझाने का प्रयास किया कि उसकी नौकरी अभी नई-नई है और उसे तुरंत छुट्टी नहीं मिल सकती। उसने वादा भी किया कि जैसे ही उसे अवकाश मिलेगा, वह खुद उसे मायके छोड़ आएगा। लेकिन यह बात पत्नी को इतनी नागवार गुजरी कि उसने पति के काम पर जाते ही घर में मौजूद अपनी ही मासूम बेटी को तेजाब की खुराक दे दी।
मुंह और नाक से बहने लगा खून, अंदरूनी अंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त
सोमवार की शाम को जब यह वारदात हुई, तब मोहित ड्यूटी पर था। इसी दौरान भिवाड़ी में ही रहने वाली मोहित की बहन को बच्ची की अचानक तबीयत बिगड़ने की भनक लगी, जिसके बाद उसने मोहित को फोन पर इसकी सूचना दी। मोहित जब बदहवास हालत में घर पहुंचा, तो देखा कि तेजाब के असर से मासूम बच्ची दर्द से तड़प रही थी। एसिड की तीव्रता के कारण बच्ची के मुंह और नाक से लगातार खून का रिसाव हो रहा था। तेजाब के संपर्क में आने से बच्ची के शरीर के बाहरी हिस्से और त्वचा बुरी तरह झुलस गए थे।
वेंटिलेटर सपोर्ट पर मासूम, डॉक्टरों की टीम बचाने में जुटी
बच्ची की अत्यंत गंभीर स्थिति को देखते हुए पिता उसे तुरंत भिवाड़ी के स्थानीय अस्पतालों में लेकर भागा, लेकिन वहां के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद रात करीब 9 बजे मासूम को अलवर के सरकारी शिशु अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में डॉ. राशि कौशिक की देखरेख में विशेषज्ञों की एक विशेष मेडिकल टीम बच्ची की जान बचाने के लिए लगातार जुटी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, तेजाब ने बच्ची के शरीर के अंदरूनी अंगों (फूड पाइप और पेट) को बेहद गंभीर नुकसान पहुंचाया है, जिसके कारण रक्तस्राव रुक नहीं रहा है। फिलहाल बच्ची को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
कबूलनामे का ऑडियो आया सामने, पुलिस जांच में जुटी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मां सपना ने अपने मायके वालों को फोन किया था। इस फोन कॉल के दौरान उसने रोते हुए खुद कबूल किया कि पीहर न भेजे जाने के कारण उसका पति से झगड़ा हुआ था और इसी आक्रोश में उसने अपनी बेटी को तेजाब पिला दिया। इस बातचीत का एक ऑडियो रिकॉर्डिंग अब सार्वजनिक हो चुका है, जो इस मामले का सबसे बड़ा सबूत बन गया है। स्थानीय पुलिस ने इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले को दर्ज कर लिया है और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने के साथ ही आसपास के पड़ोसियों से भी गहन पूछताछ शुरू कर दी है।
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