बस्तर में विकास की नई उम्मीद, बोधघाट परियोजना को लेकर गंभीर है सरकार
बीजापुर। लंबे समय तक नक्सलवाद की छाया में रहे बीजापुर जिले में अब प्रगति और खुशहाली के एक नए युग का सूत्रपात हो रहा है। जिले के प्रभारी और वन मंत्री केदार कश्यप ने एक सार्वजनिक संवाद के दौरान कहा कि जैसे-जैसे नक्सल आतंक का प्रभाव कम हो रहा है, वैसे-वैसे जिले के अंतिम छोर पर बसे गांवों तक विकास कार्यों को पहुँचाने की राह आसान होती जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नक्सलवाद ही बीजापुर के विकास के मार्ग की सबसे बड़ी रुकावट था, लेकिन अब बदली हुई स्थितियों में सरकार का एकमात्र लक्ष्य हर गांव तक पक्की सड़क, बेहतर शिक्षा, उन्नत स्वास्थ्य सेवा और रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना है।
शिक्षा के क्षेत्र में जिले का शानदार प्रदर्शन
मंत्री कश्यप ने बीजापुर के युवाओं की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ के छात्रों ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन परिणाम दिए हैं। इस वर्ष जिले में 10वीं की बोर्ड परीक्षा का परिणाम 96 प्रतिशत और 12वीं का 95 प्रतिशत रहा है, जो जिले के बदलते स्वरूप का परिचायक है। सरकार अब प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक सेवाओं (IAS) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष कोचिंग और आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, ताकि संसाधनों की कमी किसी के भविष्य में बाधा न बने।
तेंदूपत्ता और वनोपज से मजबूत होगी अर्थव्यवस्था
वन मंत्री ने जानकारी दी कि बीजापुर का तेंदूपत्ता अपनी श्रेष्ठ गुणवत्ता के लिए पूरे बस्तर संभाग में मशहूर है। सुरक्षा की स्थिति सुधरने के कारण इस वर्ष जिले में 55 प्रतिशत से अधिक तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सका है। आदिवासियों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सरकार अब वन उत्पादों के प्रसंस्करण (Processing) और कुटीर उद्योगों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इससे स्थानीय स्तर पर ही वनोपज का मूल्य संवर्धन होगा और ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी।
पर्यटन और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर जोर
बीजापुर की प्राकृतिक सुंदरता को देखते हुए यहाँ पर्यटन की व्यापक संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। जंगल सफारी और अन्य पर्यटन परियोजनाओं के जरिए स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के द्वार खोले जाएंगे। इसके अतिरिक्त, बोधघाट जैसी बड़ी सिंचाई परियोजनाओं के महत्व पर चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि बस्तर को कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स समय की मांग हैं। प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध इस क्षेत्र में उद्योगों को बढ़ावा देकर बेरोजगारी की समस्या को दूर किया जाएगा।
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