PM केयर्स के वेंटिलेटर को लेकर देश को अंधेरे में रखना और भी ख़तरनाक - इस पत्रकार ने की जांच की मांग / delhi

PM केयर्स के वेंटिलेटर को लेकर देश को अंधेरे में रखना और भी ख़तरनाक - इस पत्रकार ने की जांच की मांग

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नई दिल्ली। कोरोना महामारी के बीच मोदी सरकार ने पीएम केयर्स के फंड से कुछ वेंटिलेटर खरीदे। कई जगहों पर खबरे आई तो कही डॉक्टरों ने वेंटिलेटर के खराब होने की शिकायत की तो कही वेंटिलेटरों को मरीजों की जान बचाने के लिए नाकाफी बताया। देश के वरिष्ठ पत्रकार और एक नीजि टीवी चेनल के एंकर रवीश कुमार ने इस मुद्दे को अपने प्राइम टाइम शो में उठाया और कहा कि पीएम केयर्स के तहत सप्लाई किए गए वेंटिलेटर की खराब गुणवत्ता को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं।

        एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कोरोना महामारी के दौरान झारखंड को पीएम केयर्स फंड से करीब 1250 वेंटिलेटर मिले। जिसमें से अधिकांश वेंटिलेटर कोरोना मरीजों की इलाज के लिए काफी नहीं है। इसलिए इनमें से कई वेंटिलेटर को स्टोरेज में रख दिया गया है। कई अस्पताल प्रशासन का यह भी आरोप है कि वेंटिलेटर देते हुए उचित मानकों का पालन नहीं किया गया। आम तौर पर वेंटिलेटर को मरीजों के इलाज में उपयोग किए जाने से पहले करीब 1 सप्ताह तक चला कर रखा जाता है कि ताकि इसकी अच्छे से टेस्टिंग की जा सके। लेकिन पीएम केयर्स से मिले वेंटिलेटर में इन मानकों का भी ध्यान नहीं रखा गया।

/ delhi      May 25 ,2021 15:07