भोपाल: मध्य प्रदेश में 'जनगणना 2027' के पहले चरण की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। पिछले 14 दिनों से चल रही 'स्वगणना' (Self-Enumeration) की प्रक्रिया का आज, 30 अप्रैल को आखिरी दिन है। इसके साथ ही 1 मई से प्रदेशभर में प्रगणकों (Enumerators) द्वारा घर-घर जाकर डेटा इकट्ठा करने का महाभियान शुरू हो जाएगा।

स्वगणना: छोटे शहरों ने दिखाया उत्साह, महानगर पिछड़े

15 अप्रैल से शुरू हुई स्वगणना प्रक्रिया में प्रदेश के 5 लाख 26 हजार से अधिक परिवारों ने डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कराई है। आंकड़ों के अनुसार, रायसेन (80 हजार+) और मंदसौर (72 हजार+) जैसे छोटे शहरों ने जागरूकता की मिसाल पेश की है। इसके विपरीत, इंदौर (8 हजार), भोपाल (13 हजार) और जबलपुर (12 हजार) जैसे बड़े शहरों में भागीदारी काफी कम रही, जबकि निवाड़ी जिले में सबसे कम (500) लोगों ने हिस्सा लिया। पोर्टल आज रात 12 बजे तक खुला रहेगा।

1 मई से डिजिटल सर्वे का आगाज: 2 लाख ब्लॉक्स तैयार

कल यानी 1 मई से करीब 1.80 लाख से 2 लाख कर्मचारी मैदान में उतरेंगे। जनगणना निदेशालय ने व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए पूरे प्रदेश को 2 लाख ब्लॉक्स में विभाजित किया है, जहाँ प्रत्येक ब्लॉक में 180 से 200 मकान शामिल हैं। हर प्रगणक को एक ब्लॉक की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसे उन्हें 30 दिनों के भीतर पूरा करना होगा।

पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल होगी प्रक्रिया

इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता इसका पूर्णतः डिजिटल होना है। प्रगणक मोबाइल ऐप और डिजिटल उपकरणों के माध्यम से जानकारी दर्ज करेंगे, जिससे डेटा प्रोसेसिंग में तेजी आएगी। प्रदेश के लगभग 3.6 लाख से 4 लाख आवासीय भवनों की गणना के लिए प्रशासन ने व्यापक प्रशिक्षण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।