उन्नाव| उन्नाव के बिहार-बक्सर मार्ग पर बुधवार को एक हृदयविदारक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत कुल छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। कीरतपुर गांव के पास खरही पुल के खतरनाक 'अंधे मोड़' पर गिट्टी से लदा एक अनियंत्रित डंपर बोलेरो पर पलट गया। इस भीषण टक्कर में मुंडन संस्कार कराकर लौट रहे श्रद्धालुओं की जान चली गई।

हादसे का मुख्य कारण: ओवरलोडिंग और अंधा मोड़

स्थानीय लोगों के अनुसार, बिहार-बक्सर मार्ग पर बांदा और हमीरपुर से मौरंग-गिट्टी लेकर लखनऊ, अयोध्या और बाराबंकी जाने वाले ओवरलोड डंपर काल बन रहे हैं। कीरतपुर के पास जिस मोड़ पर यह हादसा हुआ, वहां पहले पीडब्ल्यूडी का एक संकेतक (साइन बोर्ड) लगा था, जो अब टूट चुका है। संकेतक न होने और ब्रेकर की कमी के कारण तेज रफ्तार डंपर अक्सर यहां अनियंत्रित हो जाते हैं।

इन लोगों ने गंवाई जान

हादसे में जान गंवाने वालों में अधिकांश महिलाएं और एक ही कुनबे के लोग थे:

  • पठई गांव (उन्नाव): गीता (50), सुनीता (35), बिटान (52), और बोलेरो चालक रामधनी (50)।

  • मलौना (बिहार क्षेत्र): ज्योति (33)।

  • अर्चना (52): पड़ोसी।

  • घायल: मृतक गीता के बेटे सूरज, पुत्रवधू मानसी और 3 वर्षीय शुभ गंभीर रूप से घायल हैं। सूरज की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर किया गया है।

प्रशासनिक सक्रियता और मुआवजा

हादसे की जानकारी मिलते ही उन्नाव के जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह ने जिला अस्पताल पहुँचकर घायलों का हाल जाना। प्रशासन ने निम्नलिखित घोषणाएं की हैं:

  1. मुआवजा: प्रत्येक मृतक के आश्रितों को शासन की ओर से 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

  2. बीमा लाभ: कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत भी पीड़ितों को लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।

  3. इलाज: स्वास्थ्य अधिकारियों को घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने की सख्त हिदायत दी गई है।

दावत की खुशियां मातम में बदलीं

सूरज के बेटे शुभ के मुंडन के लिए पूरा परिवार सुबह 5:30 बजे बक्सर स्थित मां चंद्रिका देवी मंदिर गया था। घर पर शाम को मुंडन की दावत के लिए हलवाई लगा था और मेहमानों का आना शुरू हो गया था, लेकिन इस हादसे ने पूरे गांव में मातम फैला दिया।

क्षमता से अधिक सवारी भी बनी चुनौती

पुलिस जांच में सामने आया है कि सात सीटों वाली बोलेरो में 2 बच्चों समेत कुल 11 लोग सवार थे। पुलिस का मानना है कि क्षमता से अधिक सवारी होने के कारण भी बचाव कार्य और घायलों की स्थिति पर असर पड़ा। फिलहाल पुलिस ने फरार डंपर चालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।