वाराणसी| पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र में बुधवार दोपहर को कुदरत का कहर देखने को मिला। वाराणसी, आजमगढ़ और विंध्य मंडल के जिलों में आई भीषण आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण गाजीपुर, वाराणसी और चंदौली में दीवार व पेड़ गिरने की घटनाओं में 5 लोगों की जान चली गई, जबकि करोड़ों की संपत्ति का नुकसान हुआ है।

हादसों में गई 5 लोगों की जान

  • गाजीपुर: यहाँ पेड़ गिरने से बकराबाद के रामदरश (70) की मौत हो गई। वहीं, दीवार गिरने की अलग-अलग घटनाओं में चकहबीबुल्लाह के दीपक (19) और नसीरपुर की एक किशोरी ने दम तोड़ दिया।

  • वाराणसी: शहर में दीवार गिरने से सूखी खान (68) नामक महिला की मृत्यु हो गई।

  • चंदौली: इनायतपुर गांव में पेड़ की टहनी गिरने से घर के आंगन में मौजूद लालू राम (35) की मौत हो गई।

109 किमी की रफ्तार से चली हवाएं

वाराणसी में पश्चिमी विक्षोभ का असर इतना घातक था कि यहाँ 109 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चला। इस दौरान करीब 100 से अधिक पेड़ और कई साइन बोर्ड उखड़ गए। वाराणसी, गाजीपुर और भदोही में झमाझम बारिश के साथ ओले भी गिरे। जौनपुर, चंदौली, मिर्जापुर और भदोही में भी आंधी से बिजली के खंभे गिर गए और टीनशेड व सोलर पैनल हवा में उड़ गए।

गंगा नदी में टूटा पीपा पुल, 5 को बचाया

बलिया में तेज आंधी के कारण माल्देपुर गंगा नदी पर बना एक किलोमीटर लंबा पीपा पुल तीन हिस्सों में टूट गया। पुल टूटने से बिहार के रहने वाले एक महिला समेत पांच लोग बीच नदी में फंस गए। सूचना मिलते ही प्रशासन ने स्टीमर और नाविकों की मदद से सभी सुरक्षित बाहर निकाला।

मौसम विभाग का अनुमान

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, नम पुरवा हवाओं के सक्रिय होने से यह बदलाव आया है। अगले दो से तीन दिनों तक मऊ, सोनभद्र, मिर्जापुर और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने और ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। सोनभद्र में फिलहाल बादल छाए हुए हैं, जबकि मऊ में धूल भरी आंधी के साथ बारिश दर्ज की गई है।