कांग्रेस ने उठाई चर्चा की मांग, कहा—पश्चिम एशिया संकट का हल निकले
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध से भारत पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर संसद में भारी हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार से लोकसभा में चर्चा की मांग की, लेकिन सरकार की ओर कांग्रेस को कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इस मुद्दे पर संसद में प्रधानमंत्री और संबंधित मंत्रियों द्वारा पहले ही इस विषय पर विस्तृत बयान दिए जा चुके हैं और वे निरंतर विपक्ष के साथ संवाद के लिए तैयार हैं।
मनीष तिवारी ने की चर्चा की मांग
दरअसल, दोपहर में शून्यकाल शुरू होते ही संसद में कांग्रेस की ओर से यह मुद्दा उठाया गया, जिसमें कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा स्पीकर से मिडिल ईस्ट पर चर्चा करने की अनुमति का आग्रह किया।मनीष तिवारी ने कहा, "व्यापार सलाहकार समिति ने इस मुद्दे पर चर्चा की थी। पश्चिम एशिया की स्थिति और एलपीजी, कच्चे तेल और उर्वरकों से संबंधित संकट पर चर्चा होनी चाहिए।"
संक्षिप्त रूप से स्थगित हुई सदन की कार्यवाही
विपक्षी सदस्यों ने अपनी मांग को दोहराया, जिससे लोकसभा में हंगामेदार दृश्य उत्पन्न हो गए, जिसके कारण सदन की कार्यवाही को संक्षिप्त रूप से स्थगित करना पड़ा।
सरकार बातचीत के लिए तैयारी लेकिन...
वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार उनसे बातचीत करने के लिए तैयार है, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मोदी के अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर और तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी दोनों सदनों में इस मुद्दे पर बयान दिए हैं।रिजिजू ने कहा, "जब भी कोई संकट आता है, हम सब एक साथ होते हैं, और इसमें कोई राजनीति नहीं होती।" उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने चिंताओं को दूर करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई थी।
प्रियंका गांधी ने बताया क्यों जरुरी है चर्चा?
वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस संकट को राजनीति से ऊपर उठकर एकजुटता से सुलझाने की बात कही। प्रियंका गांधी ने लोकसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट संकट पर चर्चा आवश्यक है क्योंकि आने वाले दिनों में संकट और भी गंभीर हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरा देश इस मसले पर एकजुट है, लेकिन पश्चिम एशिया संकट पर राजनीति नहीं, समस्या का समाधान ढूंढना जरूरी है। इसके लिए संसद में चर्चा होनी चाहिए ताकि सुझाव दिए जा सकें और समाधान निकाला जा सके।
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