‘पैसे दो तभी होगा काम’: लोकायुक्त ने सचिव को 5 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा
लोकायुक्त पुलिस ने रतलाम जिले की कनेरी ग्राम पंचायत के सचिव सत्यनारायण सेन को एक व्यक्ति से कॉलोनी में भवन निर्माण की अनुमति और नामांतरण कराने के एवज में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी सचिव ने फरियादी को अपने घर बुलाकर सोमवार रात करीब आठ बजे 4500 रुपये की रिश्वत ली थी। कार्रवाई के बाद लोकायुक्त टीम ने आवश्यक कागजी कार्रवाई की, जबकि मामले में पटवारी को नोटिस देकर छोड़ दिया गया।
लोकायुक्त डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल ने बताया कि फरियादी प्रेम जैसवार निवासी रतलाम ने 18 फरवरी 2026 को उज्जैन लोकायुक्त एसपी को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया था कि उन्होंने ग्राम पंचायत कनेरी क्षेत्र की मां विंध्यवासिनी ड्रीम सिटी कॉलोनी में दो भूखंड खरीदे हैं। भूखंड क्रमांक 41-बी पर भवन निर्माण की अनुमति और भूखंड क्रमांक 96 का नामांतरण कराने के लिए ग्राम पंचायत में आवेदन दिया गया था। आरोप है कि ग्राम पंचायत सचिव सत्यनारायण सेन ने इन दोनों कामों के बदले 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई।
योजना के तहत 9 मार्च को उज्जैन लोकायुक्त की टीम डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल के नेतृत्व में आरोपी के तेजा नगर स्थित घर के पास पहुंची और घेराबंदी की। रात करीब आठ बजे फरियादी प्रेम जैसवार ने सचिव के घर जाकर उसे 4500 रुपये की रिश्वत दी और बाहर आकर टीम को इशारा किया। इशारा मिलते ही लोकायुक्त टीम ने घर में दबिश देकर आरोपी सचिव को पकड़ लिया। उसने रिश्वत की रकम अपनी टेबल पर रख दी थी, जिसे टीम ने मौके से जब्त कर लिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक हीना डावर, प्रधान आरक्षक हितेष ललावत, आरक्षक श्याम शर्मा, संजीव कुमारिया और इसरार शामिल रहे। डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल ने बताया कि आरोपी सचिव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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