डीके के सीएम बनने के सवाल पर सिद्धारमैया.........जब आलाकमान कहेगा
बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ दूसरी नाश्ते की बैठक के बाद कहा कि कांग्रेस नेता एकजुट हैं और मिलकर सरकार चलाएँगे। डीके के मुख्यमंत्री बनने के बारे में पूछने पर, सिद्धारमैया ने कहा, जब आलाकमान कहेगा। यानी कांग्रेस के सीएम ने गेंद कांग्रेस के आलाकमान के पाले में डाल दी है। उन्होंने कहा कि उनमें और डीके शिवकुमार में कोई मतभेद नहीं है। डीके और मैं एकजुट हैं। हम सरकार चला रहे हैं। भविष्य में भी हम एकजुट होकर सरकार चलाएंगे।
बात दें कि यह उनकी दूसरी नाश्ते की बैठक थी। इसके पहले पहली बैठक सिद्धारमैया के आवास पर हुई थी, जिसमें इडली-सांभर और उपमा परोसा गया था। दूसरी मुलाकात डीके के आवास पर हुई, जिसमें पारंपरिक नाटी चिकन और इडली परोसी गई। डीके के भाई डीके सुरेश भी मौजूद थे। नाश्ते के बाद, उन्होंने विधानसभा सत्र पर चर्चा की और तय किया कि 8 दिसंबर को सांसदों की एक बैठक बुलाई जाए, जिसमें किसानों और राज्य के अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। उन्होंने पुष्टि की कि वे आलाकमान (राहुल, सोनिया, प्रियंका और मल्लिकार्जुन खड़गे) द्वारा लिए गए कदमों को स्वीकार करते हैं, और अगर उन्हें दिल्ली बुलाया गया वे ज़रूर जाएँगे।
सिद्धारमैया ने मक्का और गन्ना किसानों के लिए सरकार के समर्थन की पुष्टि की और एमएसपी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसान-समर्थक है। अगले सोमवार से विधानसभा सत्र शुरू हो रहा है, और उन्होंने विपक्ष (भाजपा और जद(एस)) द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना का भी ज़िक्र किया।
सिद्धारमैया ने नेतृत्व संघर्ष की अटकलों को कमज़ोर कर कहा कि उनकी एकता आज नई नहीं है, बल्कि वे हमेशा से एकजुट रहे हैं और राहुल गांधी के हर फैसले का पालन करुंगा। डीके शिवकुमार ने भी राज्य में विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
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