# Keval K. Tripathi

भोपाल।  सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार कश्यप ने मंगलवार को मध्य प्रदेश सरकार के दो साल की सफलता पर अपने विभाग में हुए कार्य एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 में देश को विकसित भारत बनाने के संकल्प की बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में अभ्युदय मध्यप्रदेश की परिकल्पना के तहत सर्वांगीण विकास को साकार करने में MSME निर्णायक भूमिका निभा रहा है। मंत्री चेतन्य कुमार कश्यप ने राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में पत्रकारवार्ता में यह जानकारी दी। 
         मंत्री चेतन्य कुमार कश्यप ने बताया कि 6 हजार से अधिक विकसित औद्योगिक भू-खंड उपलब्ध कराना, 100 औद्योगिक क्षेत्रों में CETP की स्थापना, औद्योगिक क्षेत्र विहीन 81 विधानसभा क्षेत्रों में औद्योगिक क्षेत्र का विकास, वर्तमान 6,000़ स्टार्टअप की संख्या को दो गुना यानि 12,000़ करना, 100 नवीन इन्क्युबेशन सेंटर की स्थापना, 1.5 लाख स्व-सहायता समूहों का उद्यम पोर्टल अंतर्गत फार्मलाईजेशन, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर एवं उज्जैन में सब्सिडी युक्त प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर को-वर्किंग स्पेस की स्थापना, GI टैगिंग के लिए 20 विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें रजिस्टर कराना, स्वरोजगार योजना के माध्यम से 30 हजार उद्यमियों को लाभान्वित कराना और इंदौर और जबलपुर की टेस्टिंग लैब का उन्नयन किए जाने का लक्ष्य है।
         मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि विकसित भारत 2047 के लिए1 करोड़ उद्यम पंजीकृत और MSME स्थापित करने का प्रयास किया जायेगा। एमएसएमई द्वारा 2 करोड़ रोजगार सृजन करना, एमएसएमई के माध्यम से 61,256 करोड़ का निवेश प्राप्त करना। 25 प्रतिशत महिला-नेतृत्व वाले एमएसएमई बनाना। 200़ एमएसएमई को एसएमई स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड करना जैसे कदम उठाए जाऐंगे। मंत्री श्री कश्यप ने बतया कि वर्तमान अधिसूचित 207 औद्योगिक क्षेत्रों को बढ़ाकर 1,000 करना। राज्य क्लस्टर योजना के अंतर्गत विकसित निजी क्लस्टरों की संख्या बढ़ाकर 150 करना। 10,000 हरित ऊर्जा वाले एमएसएमई की स्थापना। 50,000 से अधिक DPIIT मान्यता प्राप्त स्टार्टअप बनाना। 7,000 उत्पादन-आधारित स्टार्टअप स्थापित करना। स्व-रोजगार प्रदान करने का लक्ष्यरू वित्तीय वर्ष 2046-47 में 3.90 लाख व्यक्ति और 1,00,000 जेडईडी प्रमाणित एमएसएमई स्थापित करने के लिए प्रयास करना शामिल है।
           मंत्री श्री कश्यप ने इस वर्ष फरवरी में संपन्न हुई जीआईएस में प्राप्त निवेश प्रस्तावों के बाद धरातल पर आई इकाईयों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने मध्यप्रदेश एमएसएमई विकास नीति 2025 और नवीन स्टार्टअप नीति की जानकारी भी विस्तार से दी। इस अवसर पर विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह और उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार भी उपस्थित थे।