महिला आरक्षण के नाम पर देश को बांट रही है मोदी सरकार: डॉ. रागिनी नायक
# Keval K. Tripathi
भोपाल: कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के मुद्दे पर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भोपाल में आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण को लागू करने के बजाय इसे चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। डॉ. रागिनी नायक ने पत्रकारवार्ता में ये आरोप लगायहै।
मुख्य बिंदु:
- लटकाने की राजनीति: डॉ. नायक ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक (106वां संशोधन) 2023 में ही पारित हो चुका था, लेकिन सरकार ने इसमें 'परिसीमन' और 'जनगणना' की शर्तें जोड़कर इसे 2034 तक के लिए लटका दिया है।
- अधिसूचना में देरी: उन्होंने सवाल उठाया कि 3 साल पहले पारित बिल की अधिसूचना जारी करने में सरकार ने इतना समय क्यों लिया और इसे 16 अप्रैल 2026 की रात को ही क्यों जारी किया गया?
- संविधान संशोधन विधेयक का विरोध: हाल ही में लोकसभा में गिरे 131वें संविधान संशोधन विधेयक पर उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि उस 'परिसीमन' के खिलाफ है जो दक्षिण भारतीय राज्यों की सीटों को कम कर देश की अखंडता को खतरे में डाल सकता है।
- तत्काल लागू करने की मांग: कांग्रेस ने मांग की है कि आरक्षण को 543 सीटों की मौजूदा संख्या पर ही 2024 से लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को उनका अधिकार तुरंत मिल सके।
"प्रधानमंत्री मोदी सबसे बड़े महिला विरोधी हैं। अगर वे गंभीर होते, तो 2023 में पारित बिल को जनगणना और परिसीमन की बैसाखियों के सहारे नहीं छोड़ते।" — डॉ. रागिनी नायक
खबर पढ़ें:- अनंत अबानी के Vantara में मृत मिला पशु चिकित्सक, 2 डॉक्टरों की मौत पर IVA ने किया विरोध का आह्वान
खबर पढ़ें:- संजय पाठक की पेशी से छूट की मांग खारिज, 14 मई को अगली सुनवाई
हीटवेव का असर गहरा, MP में रात का अलर्ट; मजदूर दोपहर में नहीं करेंगे काम
जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ़ मध्यप्रदेश (जम्प) ने किया पत्रकार एवं प्रतिभाओ का सम्मान
मोहन यादव ने नमक्कल और अविनाशी में किया रोड शो, NDA के लिए मांगे वोट
अन्नाद्रमुक गठबंधन को लेकर गरजे खरगे, PM मोदी पर लगाया गंभीर आरोप
केदारनाथ धाम में अनुशासन सख्त, मोबाइल उपयोग पूरी तरह बंद