अमृत के लिए मंथन में जुटे शिव / Madhya_Pradesh

अमृत के लिए मंथन में जुटे शिव

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भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के पास इस समय सबसे बड़ी चुनौति बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार की है। संघए संगठन और श्रीमंत के साथ मंथन इससे प्राप्त होगा अमृत।

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        मंथन तो जारी है। शिवराज बीते रोज भी दो घंटे एकांत में रहकर बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार प्रशासनिक फेरबदल को लेकर मंथन किया। दरअसल इस जारी मंथन के दौर से शिव को सहमति रूपी अमृत की तलाश है। अगर इस मामले में वे सहमति बनाने में नाकाम रहते हैं तो फिर पूरा मामला एक बार फिर पार्टी हाईकमान के पास जा सकता है। उधर इसके साथ ही प्रदेश में एकबार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होना भी तय माना जा रहा है। इसकी वजह है उनके द्वारा मुख्यसचिव इकबाल सिंह बैंस डीजीपी विवेक जौहरी सेलंबी मंत्रणा की गई। तो वहीं मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर श्रीमंत की जिद हैं कि वे चाहते इस विस्तार में सिलावट राजपूत के अलावा उनके जो तीन समर्थक हारे हैं उनकी जगह नए समर्थकों को मंत्रीमंडल में जगह दी जाए। यही नहीं वे अपने हारे हुए समर्थक तीनों मंत्रियों की भी ाा में भागीदारी चाहते हैं। इनमें इमरती देवीए एंदल सिंह कंसानाए गिर्राज दंडोतिया शामिल हैं। श्रीमंत की इसी जिद की वजह से ही कैबिनेट का विस्तार तय नहीं हो पा रहा है। खास बात यह है कि श्रीमंत के इलाके से आने वाली इमरती देवी के इस्तीफा के बाद इस अंचल से कोई भी दलित चेहरा कैबिनेट में नहीं रहेगाए जबकि इस अंचल में इस वर्ग की बहुतायत है।

     प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार के साथ भाजपा सांसद श्रीमंत के भोपाल दौरे को जोड़कर देखा जा रहा है। श्रीमंत ने केवल इस दौरान संघ के नेताओं तथा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा से चर्चा की बल्कि उनके मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ भी चर्चा होने की खबर जौरो पर है। उपचुनाव में श्रीमंत के करीबी तीन मंत्रियों. इमरती देवीए एंदल सिंह कंसाना और गिर्राज दंडोतिया हार गए हैं। इस कारण मंत्रिमंडल में तीन पद रिक्त हो गए हैं। इसके अलावा उनके ही दो बेहद करीबी तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत के इस्तीफा देने से दो पद पहले ही रिक्त हो गए थे जबकि एक पद पहले से खाली था। इन रिक्त पदों पर मंत्री बनाने को लेकर मु यमंत्री के साथ ही संगठन को भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। दरअसल इस मामले में मु यमंत्री शिवराज सिंह प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा संगठन महामंत्री सुहास भगत ढाई साल बाद होने वाले आमचुनाव के मद्देनजर पार्टी के वरिष्ठ लोगों को क्षेत्रीय जातीय संतुलन के हिसाब से मंत्रिमंडल में मौका देने के पक्ष में हैं।

/ Madhya_Pradesh      Nov 23 ,2020 17:15