कांग्रेस के आरोप पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चुप्पी तोड़ते हुए दिया ये जबाव... जानियें Bhopal / Madhya_Pradesh

कांग्रेस के आरोप पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चुप्पी तोड़ते हुए दिया ये जबाव... जानियें

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ग्वालियर। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष मुरारीलाल दुबे एवं मीडिया प्रमुख (ग्वालियर-चम्बल संभाग) के.के. मिश्रा ने सिंधिया परिवार पर अपने वफादार कुत्ते की समाधि की भूमि को भी अवैध रूप से बेच दिये जाने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस सिंधिया परिवार पर आरोपो की निरंतर भूमि घोटालों की श्रृंखला पर पत्रकारवार्ता कर रहा है। तो वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चुप्पी तोड़ते हुए कांग्रेस को जवाब देते हुए कहा है कि मेरी संपत्ति 300 साल पुरानी है। सवाल मैं उन लोगों से करना चाहता हूं जो नए-नए महाराज बने हुए हैं। हां, मैं एक परिवार विशेष में पैदा हुआ हूं तो क्या यह मेरी गलती है। यदि मेरी गलती है, तो मैं इसको स्वीकार करता हूं। जवाब वे दें, जो नए-नए राजा बने हैं।

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    मध्य प्रदेश में जैसे जैसे उपचुनाव में मतदान की तारिख नजदीक रही है। कांग्रेस के तीखे तेबर का भाजपा अपने अंदाज में जबाव दे रही है। कांग्रेस छोड़ भारतीय जनता पार्टी में आयें ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने परिवार पर लग रहे तमाम आरोपों का जवाब भी बड़ी गर्मजोशी से देते हुए दिखाई दे रहे है। आपको बता दे तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा सिंधिया एजुकेशन सोसाइटी को 146 एकड़ भूमि 99 साल के लिए 100 रुपए टोकन मनी पर लीज पर दी गई। कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने सिंधिया को अपने निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि सिंधिया जब भी पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलते थे, तो उनके पास ग्वालियर या इस अंचल से जुड़े कोई विकास कार्य का मुद्दा नहीं होता था। सिंधिया ट्रस्ट के नाम जमीन नामांतरण और अपने पसंदीदा अधिकारियों के ट्रांसफर पोस्टिंग का मसला ही होता था। उन्होंने कहा कि जब पूर्व मंत्री कमलनाथ ने सिंधिया के जमीन नामांतरण के कार्यों को करना बंद कर दिया, तो वह अपने 22 विधायकों के साथ पार्टी से अलग हो गए। कांग्रेस के इस हमले पर बीजेपी ने पलटवार किया है। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस को यह समीक्षा करनी चाहिए कि आखिर किस नियम के तहत उन्होंने यह जमीन सिंधिया ट्रस्ट को दी है। यदि गलत नियमों के चलते यह जमीन दी गई होगी, तो निश्चित तौर पर मध्य प्रदेश सरकार द्वारा गठित मंत्री समूह की समिति इस पूरे मामले की जांच भी करेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि जब तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सिंधिया का काम करना बंद कर दिया तब उन्होंने सरकार को छोड़ा।

Bhopal / Madhya_Pradesh      Oct 09 ,2020 15:03