'बेटी की पेटी' ADGP राजा बाबू सिंह ने निकाला नायाब तरीका...क्या है जानिये  / Madhya_Pradesh

'बेटी की पेटी' ADGP राजा बाबू सिंह ने निकाला नायाब तरीका...क्या है जानिये

ने शुरुआत की, बेटी की पेटी

भोपाल। मध्य प्रदेश के ग्वालियर चंबल संभाग में महिला अपराधों से निपटने के लिए पुलिस  ने एक नायाब तरीका निकाला है। बेटी की पेटी जी हॉ इस नाम से जगह-जगह पर एक पेटी लगाई जा रही है। इसको पुलिस ने स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल, कोचिंग कॉम्प्लेक्स, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मंदिर और सार्वजनिक चैराहों पर बेटी की पेटी लटकाना शुरू कर दिया है। छात्राएं, युवतियां और महिलाएं अपनी शिकायतें लिखकर बेटी की पेटी में डाल सकती है। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस अपराधियों पर कार्रवाई करेगी.

छेड़छाड़, अश्लील कमेंट, प्रताड़ना, अपहरण, बलात्कार जैसी घटनाएं प्रदेश में लगातार बड़ी है। ग्वालियर चंबल अंचल में पुलिस ने इन घटनाओं में कमी और इसे निपटने के लिए बेटी की पेटी लॉन्च की है। ग्वालियर रेंज के एडीजीपी राजा बाबू सिंह ने बेटी की पेटी की शुरुआत की है। ग्वालियर के साथ ही शिवपुरी, दतिया, गुना, अशोकनगर जिले में भी बेटी की पेटियां लगाई जा रही हैं. स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल, कोचिंग, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मंदिर और प्रमुख चैराहों पर बेटी की पेटियां लटकाई जा रही हैं। पेटियों में छात्राएं, युवतियां, महिलाएं अपने साथ होने वाली घटनाओं की लिखित में शिकायत कर सकती हैं। उस इलाके के थाना की महिला पुलिस अधिकारी रोजाना शाम को बेटी की पेटी को खोलेंगी और उनकी शिकायतों को जमा करेंगी। इन शिकायतों की छंटनी की जाएगी और छंटनी के आधार पर शिकायतों के खिलाफ कार्रवाई थाना स्तर पर की जाएगी। पूरे संभाग की बेटी की पेटी में आई शिकायतों के निवारण और रणनीति का ब्यौरा रोजाना एडीजीपी राजा बाबू सिंह के पास पहुंचेगा।

/ Madhya_Pradesh      Dec 19 ,2019 16:20