धार्मिक शहरों के रिसॉर्ट्स को बार लाइसेंस देने की तैयारी में है कमलनाथ सरकार / Madhya_Pradesh

धार्मिक शहरों के रिसॉर्ट्स को बार लाइसेंस देने की तैयारी में है कमलनाथ सरकार

@lionnewsin

भोपाल। मध्य प्रदेश की कमलानाथ सरकार ने धार्मिक नगरों के रिसाफर्ट्स को बार का लाइसेंस देने की पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिये पिछली शिवराज सरकार के पूरी तरह नकारे हुए फैसले को बदलकर नई तैयारी की गई है। अब इन धार्मिक शहरों के रिसॉर्ट्स को FL-3- श्रेणी का लाइसेंस दिया जाएगा। इनके अलावा हैरिटेज क्षेत्र, प्राकृतिक पर्यटन क्षेत्र और जल पर्यटन के लिए पर्यटन विभाग द्वारा अधिसूचित बांधों और जल क्षेत्रों के पास स्थापित रिसॉर्ट्स को इस तरह के लांइसेंस जारी किए जाएंगे।

कमलनाथ सरकार इसके लिये लाइसेंस प्राप्त की शर्त को भी आसान करने जा रही है। लॉयन न्यूज को मिली जानकारी के अनुसार पहले 10 कमरे की आवश्कता होता थी लेकिन अब इसे घटाकर पांच कमरे कर दिया गया है। कुल क्षेत्र पहले 2 हेक्ट्यर चाहिए होती थी लेकिन अब इसे भी कम कर एक हेक्टयर कर दिया गया है। लाइसेंस शुल्क 2.5 लाख रुपये से कम कर 50,000 रुपये, 1 लाख रुपये और प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये किया गया। हालांकि, गुरुवार को वाणिज्यिक विभाग की एक अधिकारिक गजट में एक अधिसूचना प्रकाशित किया था, जो इस फैसले को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। यह परिवर्तन बड़े स्तर पर किए गए है। सरकार ने FL-3- श्रेणी के तहत धार्मिक क्षेत्रों, पर्यटन क्षेत्रों, प्राकृतिक पर्यटन क्षेत्रों और जल पर्यटन क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

सरकार के इस फैसले से खजुराहो, मांडू, ओरछा से पचमढ़ी, गांधीसागर, तवा और बाणसागर तक रिसॉर्ट बार लाइसेंस प्राप्त करना बहुत आसान हो गया है। इनमें से कुछ कस्बों को पहले FL-3-  (होटल बार लाइसेंस) के लिए आवेदन करने की आवश्यकता होती थी, जिसके लिए लाइसेंस शुल्क बहुत अधिक है। आबकारी अधिकारियों ने कहा कि नए नोटीफिकेशन के अनुसार कई रिसॉर्ट मालिक लाइसेंस लेने के लिए इच्छुक होगें। यहां टूरिस्टो को चोरी से शराब बेची जाती थी लेकिन सरकार को इसका फायदा नहीं मिल रहा था। इसे देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।

/ Madhya_Pradesh      Dec 03 ,2019 17:15