अतिक्रमण हटाने में मुंहदेखी कार्यवाही की निंदा : सवालों से बचते नजर आए पीडब्ल्यूडी विभाग के ई. ई. Damoh / Madhya_Pradesh

अतिक्रमण हटाने में मुंहदेखी कार्यवाही की निंदा : सवालों से बचते नजर आए पीडब्ल्यूडी विभाग के ई. ई.

पथरिया - नगर में रेलवे स्टेशन से लेकर संजय चौराहा होते हुए थाना तिराहा तक सड़क का निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कराने का कार्य चल रहा है जिसको लेकर सड़क के दोनों तरफ अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जाना है मापदंडों के अनुसार बीच सेंटर से नो नो मीटर दोनों तरफ लेकर सड़क निर्माण किया जाना है ज्ञात हो कि यह सड़क निर्माण काफी समय से रुका हुआ पड़ा था अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही में जिस प्रकार के व्यवधान उत्पन्न हो रहे हैं उससे यह लग रहा है की सड़क निर्माण कार्य में और भी ढीलासाही बरती जा सकती है क्योंकि पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों पर लगातार मुंह देख कर अतिक्रमण की कार्यवाही करने के आरोप लग रहे हैं और ऐसा ही ताजा मामला यह सामने आया है कि संतोष हारिया का मकान जोकि पीडब्ल्यूडी विभाग का सर्वेंट क्वार्टर बताया जा रहा है जिसमें वह अपने परिवार सहित काफी लंबे समय से निवास कर रहा था उसके पिताजी भी इसी मकान में निवास करते थे संतोष हारिया नगर परिषद का सफाई कर्मचारी है उसकी हालत भी ठीक नहीं है। जिसके मकान पर पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने तहसीलदार और पुलिस वालों को साथ लेकर संविधान दिवस के दिन जेसीबी चला दी और उसका परिवार रोड पर आ गया संतोष हरिया का पूरा परिवार रात भर सड़क किनारे भूखे प्यासे सोता रहा ना तो उसी मकान में से सामान निकालने का मौका दिया गया और ना ही मकान गिराने के पूर्व उसके रहने या खाने पीने की व्यवस्था वह कर पाया संतोष हारिया के अनुसार उसे ना तो नियमानुसार नोटिस जारी किए गए और ना ही मकान गिराने के लिए समय दिया गया। अतिक्रमण कार्यवाही की खबर लगते ही नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह ठाकुर और नगर परिषद के कर्मचारी पीड़ित परिवार के समर्थन में मैदान में उतर आए और सभी नगर के रेस्ट हाउस में एकत्रित हुए जहां पर पुलिस प्रशासन के अधिकारी और पथरिया एसडीएम भारती देवी मिश्रा भी मौजूद रहीं और पीड़ित परिवार की मदद करने के उद्देश्य से सभी लोग एकजुट हुए एवं नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष ने इस कार्यवाही की निंदा करते हुए कहा कि उक्त कार्यवाही बिल्कुल भी नियमानुसार नहीं हुई है संविधान दिवस के दिन एक दलित परिवार के मकान पर जेसीबी चलाकर आखिर अधिकारी क्या प्रमाण देना चाहते हैं जबकि पीडब्ल्यूडी विभाग का रेस्टहाउस खुद अतिक्रमण के दायरे में है पहले उसे क्यों नहीं मिटाया गया अधिकारियों ने क्यों इस कार्यवाही के पूर्व एसडीएम को सूचित नहीं किया क्यों नगरपालिका को सूचित नहीं किया और तरह तरह के सवाल खड़े किए गए जहां पर एसडीएम भारती देवी मिश्रा ने सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार को बुलाया और पूछा कि उसने मकान क्यों गिराया तो ठेकेदार द्वारा कहा गया की यह मकान हमने नहीं गिराया अधिकारियों द्वारा हमसे जेसीबी की मांग की गई थी और हमने सिर्फ जेसीबी दी है यह अतिक्रमण पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों द्वारा कराया गया है। इस संबंध में जब मीडिया ने पीडब्ल्यूडी विभाग के ई ई जे पी सोनकर से बात की तो उन्होंने मामले में ना तो स्पष्ट जानकारी दी और ना ही पत्रकारों के सवालों के उचित जवाब दिए। उक्त मामले को लेकर पीड़ित परिवार के समर्थन में आए सैकड़ों लोग और पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह ठाकुर नगर के रेस्ट हाउस में एकत्रीकरण होने के बाद जब एसडीएम भारती देवी मिश्रा थाना प्रभारी और एसडीओपी पथरिया मौके पर पहुंचे तो वहां पर मामले की पूरी जानकारी लेने के लिए एसडीएम भारती देवी मिश्रा द्वारा पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को बार-बार फोन लगाकर मौके पर बुलाया जा रहा था लेकिन तकरीबन 3 घंटे इंतजार करने के बावजूद भी विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे वहां पर मौजूद सभी लोग और अधिकारी वहां से चले गए तब पीडब्ल्यूडी विभाग के ई ई रेस्ट हाउस परिषद में उपस्थित हुए। उक्त मामले में एसडीएम भारती देवी मिश्रा का कहना है कि मामले की जांच कर कार्यवाही की जाएगी पीड़ित परिवार द्वारा उक्त मामले में एक आवेदन एसडीएम मालती देवी मिश्रा और थाना प्रभारी पथरिया को भी सौंपा है अतिक्रमण की कार्यवाही की गई है तहसीलदार आलोक जैन ने बताया की सड़क चौड़ीकरण कार्य एवं सौंदर्य करण कार्य को लेकर यह अतिक्रमण की कार्यवाही की गई है और वह जगह है पीडब्ल्यूडी विभाग की है।
Damoh / Madhya_Pradesh      Nov 28 ,2019 06:18