नगर पालिका दमोह की दुकान आवंटन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं Damoh / Madhya_Pradesh

नगर पालिका दमोह की दुकान आवंटन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं

          दमोह - विगत दिनों नगर पालिका कार्यालय द्वारा अनेक निविदाएं जारी कर नगर पालिका क्षेत्र के महत्वपूर्ण स्थानों पर भूतल एवं निर्मित दुकानों में प्रथम तल पर दुकान आवंटन की अनेक निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। आरोप लग रहे है कि आमंत्रित निविदा में कलेक्ट्रर गाईड लाईन का पालन नहीं किया गया। यह भी कहा जा रहा है कि नगर पालिका दमोह के जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों द्वारा गंभीर अनियमितताएं कर नगर पालिका की बेशकीमती संपत्ति को ओने-पौने दामों में खुर्द बुर्द करने कि कोशिश की जा रही है यहां आपको बता दें कि लगभग एक दो माह में नगर पालिका का कार्यकाल समाप्त हो रहा है अंतिम चरण में मनमाने ढंग से नियम कायदों को ताक में रखकर निविदाएं जारी की जा रही है। 2 नवंबर 2019 को जारी एक ऐसी निविदा जिसका क्र./रा.वि/न.पा/2019/1721 है, जिसकी कटिंग आज दिनभर सोशल मिडिया पर चर्चा का विषय बनी रही।              निविदा क्र. 1721 के अनुसार शहर के टाउन हॉल की 6×6 की दुकान की न्यूनतम धरोहर राशि दो लाख रूपये, 8×10 की दुकान की 5 लाख रूपये और 10×15 की पांच दुकानों की न्यूनतम धरोहर राशि 6 लाख रूपये आमंत्रित की गई है जबकि इस क्षेत्र के आसपास का जिला पंजीयन कार्यालय के अभिलेख में बाजार मूल्य 1 लाख 10 हजार रूपये प्रति वर्गमीटर बताया जा रहा है जिससे उक्त दुकानों का बाजार मूल्य लगभग 15 लाख रुपए से अधिक आंका जा रहा है।             इसी तरह वीर सावरकर मार्केट में 9×12 की दुकान की न्यूनतम धरोहर राशि ढाई लाख रूपये और 6×10 की दुकान 4 लाख रूपये दर्शायी गई है। इस निविदा के अनुसार बड़ी दुकान कम दाम में और छोटी दुकान से अधिक दाम पर बेचीं जा रही है जो आज दिनभर हर एक जानकर की जुबान पर चर्चा का विषय बनी हुई है जिस जबाब जानने नगर पालिका दमोह के प्रभारी सीएमओ कपिल खरे से मिले तो उनका कहना है कि उक्त निविदा निरस्त कर दी गई है।              विगत दिनों इसी तरह की एक निविदा और नगर पालिका दमोह द्वारा प्रकाशित कि गई थी, जिसमें  अंबेडकर चौराहे के पास स्थित गुरु गोलवलकर मार्केट के ब्लाक 'ए' के प्रथम तल की 78 दुकानों के बाजर मूल्य में अंतर नजर आ रहा है जिसमें अधिकांश दुकानों की न्यूनतम आरक्षित राशि 8 लाख रुपये प्रकाशित की गई थी जबकि इस जगह की मार्केट वेल्यू  82 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर बताई जा रही है इस हिसाब से 3×5 वर्गमीटर की दुकान की जमीन लगभग 12 लाख रुपये से अधिक है। लेकिन यहां की दुकानें  भी कलेक्टर गाईडलाईन का उल्लंघन करते हुये बेची गई।            नगर पालिका दमोह ने शहर की जिन दुकानों से अपने चहेतों को उपकृत किया है उनमें से अधिकाशं चहेतों व उनके परिजनों पर नगर पालिका दमोह का टेक्स भी बकाया बताया जा रहा है अभी भी नगर पालिका दमोह जिन दुकानों को नीलाम कर अपने चहेतों को उपकृत करने की फिराक में है उन पर भी नगर पालिका का लाखों रुपये टेक्स बकाया है।               नगर पालिका दमोह के ऐसे अनेक मामले मिलेगें जिसमें नगर पालिका दमोह द्वारा दुकानों के मूल्य में हेराफेरी कर अपने चहेतों को उपकृत किया गया है। जो कि जांच में स्पष्ट हो सकेगी। कुछ समाजसेवी जिला कलेक्टर से मिलकर इस गोरखधंधे की चर्चा कर न्यायालय जाने की बात कर रहे है अब देखना होगा जिला कलेक्टर इस मामले में क्या निर्णय लेते है नगर पालिका के इस प्लान पर रोक लगाते है या उसका साथ देते है।
Damoh / Madhya_Pradesh      Nov 28 ,2019 06:08