क्लीनिक में नहीं मिली सरकारी दवाइयां और ना ही क्लीनिक के समय ड्यूटी पर थे डॉ Damoh / Madhya_Pradesh

क्लीनिक में नहीं मिली सरकारी दवाइयां और ना ही क्लीनिक के समय ड्यूटी पर थे डॉ

Bhopal www.lionnews.in - विगत दिनों पथरिया विधायक रामबाई सिंह परिहार द्वारा एक शासकीय डॉक्टर द्वारा प्राइवेट क्लीनिक चलाने के दौरान उनके क्लीनिक पर छापा मारा था। उस दौरान यह बात सामने आई थी कि डॉ पुष्पेंद्र त्रिपाठी अपना मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सद्गुआं छोड़ पथरिया में अपने निजी क्लीनिक चलाते थे इसलिए विधायक रामबाई ने मौके पर अस्पताल पहुंच कर सीएमओ पथरिया डॉ. ई. मिंज सहित थाना प्रभारी राजेश मिश्रा को मौके पर बुलाया और अस्पताल की जांच करवाई जहां से शासकीय सामग्री और दवाइयों के मिलने की बातें भी सामने आई थी उसी समय सी.बीएमओ डॉ. ई. मिंज द्वारा तत्काल उक्त अस्पताल व सामग्री को सील कर दिया गया था। उसी समय यह भी चर्चा थी कि डाॅ. पुष्पेंद्र त्रिपाठी अपना मुख्यालय छोड़ अपना निजी क्लीनिक चला रहे है। लेकिन जब हमने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों की टीम से पड़ताल की तो पता चला कि छापामार कार्यवाही के दौरान क्लीनिक में जो दवाइयां एवं सामग्री प्राप्त हुई वह शासकीय नही है। और बताया जा रहा है कि वह अपना मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सदगुवां छोड़कर अपनी प्राइवेट क्लीनिक चला रहे थे। जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुए थे। लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी में हमें ज्ञात हुआ कि यह सारे जो आरोप उनके ऊपर लगाए गए हैं पूर्णत: निराधार हैं क्योंकि उक्त छापामार कार्यवाही में शामिल तहसीलदार आलोक जैन ने बताया है कि जब हमने दवाइयों के पैकेट खोलें और उनकी जांच की तो उनमे कोई भी शासकीय दवाई पाई गई न ही कोई अन्य शासकीय सामग्री मिलीं। तहसीलदार की कही बात से साबित होता है कि उक्त घटना के संबंध मे जो भी चर्चाएं फैली थी उनमे से अधिकांश झूठी साबित हुई। डाक्टर त्रिपाठी मुख्यालय पर न रहने वजह भी यह बताई जा रही है कि उनकी ड्यूटी 3 दिन के लिए पथरिया के सरस्वती शिशु मंदिर में चल रही प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु लगाई गई थी। वायरल विडियो के अनुसार यह बात ओर सामने आई थी जिसमें कहा गया था कि वह ड्यूटी के दौरान अपना क्लीनिक चला रहे थे तो आपको बता दें कि उनके क्लीनिक पर करीब 9 -10 बजे कार्यवाही हुई तो उस दौरान उनकी ड्यूटी सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में थी लेकिन प्रतियोगिता मे देरी होने के कारण उन्हें 11 बजे से बुलाया गया था यह बात सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय के प्राचार्य द्वारा लिखित एक पत्र के माध्यम से दी गई है। अगर बात करें उक्त कार्यवाही की तो डॉक्टर पुष्पेंद्र त्रिपाठी के ऊपर लगाए हुए सारे आरोप निराधार प्रतीत होते हैं। लेकिन जब हमने इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पथरिया के सीबीएमओ डॉ . ई. मिंज से बात की तो उन्होंने यह कहकर फोन काट दिया ये सब बात हम फोन पर नहीं कर सकते इस संबंध में हमें आमने सामने बैठ कर बात करना होगी।
Damoh / Madhya_Pradesh      Sep 20 ,2019 15:03