डिंडौरी के दयाराम, कांच खाने के हैं शौकीन डिंडौरी / Madhya_Pradesh

डिंडौरी के दयाराम, कांच खाने के हैं शौकीन

भीमशंकर साहू @lionnews.in/ डिंडौरी -जिले के शहपुरा के बरगांव निवासी दयाराम साहू को कांच खाने का बेहद खतरनाक शौक है। इन्हें बचपन से ही कांच खाने का जूनून सवार था जो आज भी बरकरार है। दयाराम उर्फ़ दानी बल्ब और बॉटल के टुकड़ों को कितनी आसानी से चने की तरह चबा-चबाकर निगल जाते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि जब हमने दयाराम से उनके अजीबोगरीब शौक के बारे में जानने की कोशिश की तो उन्होंने बताया कि बचपन से ही उनके दिमाग में कुछ अलग करने की इच्छा थी और इसी चाहत के चलते उन्होंने कांच खाना शुरू किया जो पहले उनका शौक था फिर बाद में उनका नशा बन गया। दयाराम साहू की मानें तो पहले वो आधा से एक किलो तक कांच चबाकर खा जाते थे। वे 40-45 साल से लगातार कांच खाते आ रहे हैं । हालांकि दांत कमजोर होने के कारण अब उन्होंने कांच खाना धीरे धीरे बंद करने का निश्चय लिया है। आपको बता दें कि दयाराम साहू उर्फ दानी पेशे से सीनियर एडवोकेट और नोटरी भी हैं । जब इस संबंध में हमारे संवाददाता भीमशंकर साहू ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शहपुरा में पदस्थ चिकित्सक डाॅ सत्येंद्र परस्ते से बात की तो उन्होंने बताया कि इस तरह का शौक जानलेवा हो सकता है । कांच डाइजेस्टिव नहीं होता इससे पेट की आंतों में इंफेक्शन हो सकता है । लोगों को इस तरह के खतरनाक शौक नहीं करना चाहिए ।
डिंडौरी / Madhya_Pradesh      Sep 14 ,2019 19:30