ग्रामीण महिलाओं को गांव में ही मिलेगा रोजगार  ,कोदो-कुटकी से बिस्कुट और ब्रेड बनाने का दिया गया तीन दिवसीय प्रशिक्षण डिंडौरी / Madhya_Pradesh

ग्रामीण महिलाओं को गांव में ही मिलेगा रोजगार ,कोदो-कुटकी से बिस्कुट और ब्रेड बनाने का दिया गया तीन दिवसीय प्रशिक्षण

भीमशंकर साहू @ lionnews.in/ डिण्डौरी - जिले के शहपुरा विकासखंड के गुरैया गांव में तेजस्विनी महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं उत्पादों के निर्माण का कार्य तो कर ही रहीं हैं। वहीं अब महिलाओं को एक नया रोजगार मिल रहा है, जिसमें यह समूह की महिलाएं अब कोदो-कुटकी से तैयार अनेक प्रकार के उत्पादों को बाजार में सप्लाई करेंगे इसके लिए महिलाओं को शहपुरा विकासखंड के ग्राम गुरैया में तेजस्विनी महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम की कार्यक्रम के तेजस्विनी जागृति महिला संघ, राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रबंधन कार्यक्रम एवं आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा आयोजित कोदो और कुटकी के मूल्य वर्धित उत्पादों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम में NIFTEM सोनीपत हरियाणा से आये वैज्ञानिक डॉ कोमल चाऊ, निधि कौशिक, परमेश्वर राम ,एवं मंजीत सिंह द्वारा तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया और प्रशिक्षण में कोदो-कुटकी से किस प्रकार कुकीज बनाकर उसे बाजार में बेचने संबंधी कई जानकारियां भी दी गईं हैं। आर्थिक रूप से सशक्त होंगी महिलाएं तेजस्वनी महिला सशक्तिकरण जिला परियोजना प्रबंधक यशवंत सोनवानी ने बताया कि समूह द्वारा कोदो कुटकी कुकीज से ग्रामीण की महिलाओं के आय में वृद्वि होगी, सदस्यों द्वारा जो कुकीज का उत्पादन किया जाएगा वह गुणवत्ता पूर्ण होगा। इसकी मॉनीटरिंग भी लगातार की जाएगी तथा उत्पादन में वृद्धि करके अधिक लाभ कमाया जाएगा। आपको बता दें कि डिंडोरी जिले में कोदो कुटकी अनाज का 31600 हेक्टेयर भूमि में 2 लाख 40 हजार 160 क्विंटल उत्पादन हो रहा है । सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में इन उत्पादों की सप्लाई की जा रही है । वहीं प्रशिक्षण प्राप्त करने आई महिलाओं में तेजस्विनी जागृति महिला संघ की अध्यक्ष सुहद्रा बनवासी ने बताया कि हमें यहां तीन दिन तक कोदो-कुटकी से पौष्टिक बिस्कुट और ब्रेड बनाने के तरीकों के बारे में वैज्ञानिकों द्वारा बताया गया । इससे हम एक अच्छा रोजगार पाकर अपने प्रोडक्ट को बाजार में और आंगनवाड़ियों में सप्लाई करेंगे ।जिससे हमारी आजीविका भी अच्छे तरीके से चलेगी । NIFTEM के वैज्ञानिक परमेश्वर राम ने कहा कि हमने तीन दिन तक महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए यहां के स्थानीय स्तर पर बहुतायत मात्रा में उत्पादन होने वाले कोदो कुटकी से बिस्कुट और ब्रेड बनाने के तरीकों के बारे में बताया गया । इससे महिलाएं आत्मनिर्भर और सशक्त भी होंगी। प्रशिक्षण के अंतिम दिन रविवार को सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र का वितरण किया गया ।
डिंडौरी / Madhya_Pradesh      Sep 08 ,2019 10:02