शायद ही किसी को मालुम हो ममता बनर्जी का असली नाम, जानियें Viral संदेश का सच / delhi

शायद ही किसी को मालुम हो ममता बनर्जी का असली नाम, जानियें Viral संदेश का सच

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इन दिनों भारत की आवाम की मानसिकता को व्हाट्सएप और सोशल साइट के माध्यम से प्रभावित किया जा रहा है। ऐसे में सही ख़बर कही पीछे रह जाती है। लेकिन गलत जानकारी तेजी से लोगों को प्रभावित कर रही है। कुछ दिनों से एक मैसेज वायरल हो रहा है. लिखा है- क्या ममता बनर्जी का असली नाम मुमताज मासामा खातून है. क्या वो मुस्लिम हैं. और क्या उन्होंने जानबूझकर रेल मंत्री रहते हुए हिन्दू तीर्थस्थान जाने वाली ट्रेनों को बंद कराने की कोशिश की। इस संदेश का सच क्या है। यह जानने का प्रयास देश के सबसे तेज चैनल ने किया। खबर के अनुसार वायरल मैसेज में ममता के हिन्दी से ज्यादा अच्छी उर्दू बोलने का जिक्र है। लेकिन आपको बता दें लॉयन न्यूज को मिली जानकारी और एक नीजि चैनल ने की पड़ताल बताती है वायरल संदेश पूरी तरह फर्जी है और धार्मिक भावनाएं भड़काने के लिए प्रसारित किया जाने के उद्देश्य से सोशल नेटवर्क पर वायरल हो रहो है। इसमें ममता को मुस्लिम बताते हुए एक फोटो भी प्रसारित किया जा रहा है. वायरल मैसेज में यह भी लिखा है कि ममता ने रेलमंत्री रहते हुए हिन्दू तीर्थस्थान पर जाने वाली ट्रेन को रोकने की कोशिश की. देश के सबसे तेज चैनल के रिपोर्टर ने जब रेलवे बोर्ड के अधिकारियों से बात कर इस तथ्य की पुष्टि चाही तो पता चला कि ये कोरी बकवास है.।

        30 सालों में पहले नहीं लगा ऐसा आरोप लेकिन व्हाट्सएप और सोशल साइट से यह संभब बनाया जा रहा है। ममता बीते तीन दशक से राजनीति में सक्रिय हैं और ऐसा आरोप पहले कभी नहीं लगा.। ममता के पुराने साथियों से भी बात की और जाना कि क्या उन्होंने अपना नाम मुमताज किसी को बताया. तो पता चला कि ये भी कोरी अफवाह है। अब ऐसे में पूरे देश की जनता को  ऐसी अफवाहों से सावधान रहने की जरूरत है। इन नई तकनीक ने देश के बेलगाम यूवा का सबसे ज्यादा प्रभावित किया हैं। जो किसी भी संदेश की सच्चाई जाने बिना उग्र हो रहा है।

/ delhi      Jun 02 ,2019 15:43