बारूद के ढेर पर निजी शिक्षण संस्थान, स्कूलों में आग से बचाव के नहीं  है इंतजाम / Madhya_Pradesh

बारूद के ढेर पर निजी शिक्षण संस्थान, स्कूलों में आग से बचाव के नहीं है इंतजाम

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बैतूल। वामन पोटे। बैतूल शहर में नियमो को ताक पर रखकर दर्जनों स्कूल कुकरमुत्ते की तरह उग गए ।निजी स्कूल भवन भी टाउन एंड कंट्री प्लानिंग में पास कराए गए मानचित्र के अनुरूप नही बनाये गए और अग्नि सुरक्षा के इंतजाम का ख्याल ही नही रखा गया है ।इन स्कूल भवनों तक तो कई जगह नगर पालिका का अग्नि सुरक्षा वाहन भी नही पहुच सकता है ।

                 अधिकांश स्कूलों में आग से बचाव के कोई खास इंतजाम नहीं हैं। भगवान न करे किसी स्कूल में कभी कोई अग्निकांड हो, अगर ऐसा होता है तो बच्चों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है।निजी विद्यालयों के पास  इस मद में कोई बजट नहीं है । अग्निशमन विभाग का कहना है कि फायर सेफ्टी के लिए  बालू-रेता, पानी, फायर हुक आदि जरूरी है। साथ ही अग्नि सुरक्षा से संबंधित प्रमाणपत्र होना चाहिए, लेकिन अधिकांश स्कूल इस अनिवार्यता को पूरा नहीं करते। इसके लिए निजी स्कूलों और स्कूल में अध्ययनरत छात्र छात्राओं के पालको  ने भी  कभी निजी स्कूल प्रबंधन से अग्नि सुरक्षा को लेकर पहल नही की है।परन्तु निजी स्कूलों में  आग से बचाव के प्रबंध नहीं किये हैं। कुछ प्राइवेट स्कूलों को छोड़ किसी ने फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट तक नहीं लिया है। बैतूल शहर में प्राथमिक , माध्यमिक और उच्च शिक्षा , कालेज में हजारों की सख्या  में  छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। लेकिन इनमें से 98 प्रतिशत से अधिक स्कूलों में तो आग के खतरों से बचाव के इंतजाम नहीं हैं।

रेत और पानी जैसी जरूरी सुविधा भी  इन निजी  स्कूलों में नही है। स्कूलों तक रोड नहीं होना अथवा संकरी सड़क में आपदा के वक्त फायरब्रिगेड के वाहन का न निकल पाना बड़ी चुनौती है। अग्निशमन विभाग के सूत्रों का कहना है कि ज्यादातर स्कूल ने  आग से बचाव का प्रमाणपत्र (फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट) लिया ही नही है।

/ Madhya_Pradesh      May 29 ,2019 17:59