जानियें कहा की है साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, और क्या है उनके पीछे का इतिहास / Madhya_Pradesh

जानियें कहा की है साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, और क्या है उनके पीछे का इतिहास

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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी बनने जा रही साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने बुधवार को भाजपा की सदस्यता ले ली। कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के खिलाफ अब बीजेपी भोपाल से साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को मैदान में उतार सकती है। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर मध्यप्रदेश के एक मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती है। परिवारिक पृष्ठ भूमि के चलते वे संघ विहिप से जुड़ी। इतिहास में पोस्ट ग्रैजुएट प्रज्ञा हमेशा से ही दक्षिणपंथी संगठनों से जुड़ी रहीं। वे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की सक्रिय सदस्य थीं और विश्व हिन्दू परिषद की महिला विंग दुर्गा वाहिनी से जुड़ी थीं। उन्हें वैसे ग्वालियर का रहवासि मध्य प्रदेश के चंबल इलाके में स्थित भिंड जिले में पली बढ़ीं।. वे राजावत राजपूत हैं। उनके पिता आरएसएस के स्वयंसेवक और पेशे से आयुर्वेदिक डॉक्टर थे।

      उन्होंने शूरुआत की पढ़ाई में साधारण शुरुआत के बाद उच्च शिक्षा हासिल की। भोपाल में बी वी पी आरएसएस से जुड़ी रही। अध्यात्म अध्ययन में झुकाव था और स्वामी अवधेशानंद से प्रभावित थी किसी समय उन्होंने सन्यास ले लिया। किसी समय सन्यास ले लिया 2008 में हुए मालेगांव बम विस्फोट में उन्हें शक के आधार पर गिरफ्तार किया गया। 2017 में बिना किसी सबूत उन्हें बैल दी गई। वे कई बार अपने भड़काऊ भाषणों के लिए सुर्खियों में रहीं। 2002 में उन्होंने जय वंदे मातरम जन कल्याण समिति बनाई। स्वामी अवधेशानंद गिरि के संपर्क में आने के बाद प्रज्ञा नए अवतार में नजर आईं. अवधेशानंद का राजीनितिक गलियारे में खासा प्रभाव था। इसके बाद उन्होंने एक राष्ट्रीय जागरण मंच बनाया और इस दौरान वह एमपी और गुजरात के एक शहर से दूसरे शहर जाती रहीं। मालेगांव मैं 2008 में बम विस्फोट हुआ उसमें एक गाड़ी जो उन्होंने एक साल पूर्व बेंच थी पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया और गिरफ्तार कर लिया यह पूछताछ चलती रही और अत्याचार बढ़ता रहा मालेगांव बमकांड के संदेह में गिरफ्तार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर द्वारा नासिक कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद वह अलग अलग जेल में रही। 2016-17 में भोपाल के खुशि लाल शर्मा आयुर्वेद औषधालय में उपचार कराती रही 2017 में कोर्ट से अनुमति के बाद उन्होंने उज्जैन सिंहस्थ में स्नान किया 25 अप्रैल 2017 को उन्हें बैल पर रिहा कर दिया गया। 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए इन्हें भाजपा ने भोपाल से अपना उम्मीदवार बनाया है, जहां से कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह को मैदान में उतारा है।

/ Madhya_Pradesh      Apr 18 ,2019 10:24