पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुये CRPF के वीर जवानों को समर्पित कविता डिंडोरी / Madhya_Pradesh

पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुये CRPF के वीर जवानों को समर्पित कविता

आसमान भी रोया था धरती भी थर्राई थी किसी को न मालूम था यारो किस घड़ी मौत ये आई थी ।। माँ का एकटक चेहरा था आंखों में बहते आंसू थे । पुत्र थे उनके शहीद हुये जो मातृभूमि के नाते थे।। पत्नी का तिलछना चिल्लाना सीने में तीर चुभाता था। एक मात्र सहारा था उनका वह भारत माँ का बेटा था।। बेटे के सिर से हाथ गया चलना वह जिनसे सीखा था। कंधों का भी अब राज गया वह बैठ जहाँ जग देखा था।। माँ की सुनी गोद हुई पत्नी का भी सिंदूर मिटा। पिता के दिल मे आह उठी पुत्र का हांथ भी टूट गया।। गर्व है इन परिवारों को अपनी उन संतानों पर। मातृभूमि के लिए समर्पित हुये वीर बलिदानों पर।। नेताओं क्यों बैठे हो बदला लो ग़द्दारों से। गर खून में गर्मी बाकी है सर बिछा दो तुम तलवारों से।। बदला ले इस वार का तुम उन वीरो का सम्मान रखो मात-पिता और पुत्र के सर मातृभक्ति का ताज रखो।। - योगेंद्र तिवारी (संजय) CRPF जवान
डिंडोरी / Madhya_Pradesh      Feb 19 ,2019 13:16