कमिश्नर ने दिए सभी हैण्ड पंपों का भौतिक सत्यापन करना के निर्देश, अभियान 15 से 30 जनवरी तक / Madhya_Pradesh

कमिश्नर ने दिए सभी हैण्ड पंपों का भौतिक सत्यापन करना के निर्देश, अभियान 15 से 30 जनवरी तक

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भोपाल। भोपाल संभाग के सभी जिलों के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में संचालित नल-जल योजनाओं का भौतिक सत्यापन किया जायेगा कि इन जल स्त्रोतों के माध्यम से गर्मी के मौसम में पीने का पानी सहजता से उपलब्ध हो। यह अभियान 15 जनवरी से 30 जनवरी तक चलेगा। इस संबंध में संभागायुक्त कवीन्द्र कियावत ने पेयजल की स्थिति की समीक्षा के लिये आयोजित बैठक में निर्देश दिए। कमिश्नर कार्यालय में इस सिलसिले में आयोजित बैठक में संभाग के सभी जिलों के जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायतों के सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

     बैठक में संभागायुक्त ने कहा कि सभी सीईओ जनपद पंचायत नल जल योजनाओं का भौतिक सत्यापन हैण्डपंप मैकेनिक, सुपरवाइजर के माध्यम से करवाना सुनिश्चित  करें। नल जल योजना के साथ ही नगरीय एवं पंचायत स्तर पर जितने भी शासकीय हैण्डपंप है उनका भी भौतिक सत्यापन किया जाए। कितने हैण्डपंप चालू हैं एवं कितने बंद हैं उनको भी चिन्हांकित करें। हैंडपंपों के बंद होने का क्या कारण है, उसका तुरंत निराकरण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी सीईओ जनपद एवं सीएमओ यह भी देखें कि भीषण जल संकट की स्थिति आने पर पेयजल स्त्रोत क्या होंगे उनका भी चिन्हांकन करें।

    संभागायुक्त ने कहा कि जनपद पंचायत के सीईओ अपने-अपने जनपद में क्लस्टर समितियों का गठन कर पेयजल स्त्रोतों के रख रखाव का कार्य कराना सुनिश्चित करें। जिन ग्रामों मे पेयजल की समस्या अधिक है उन ग्रामों को चिन्हांकित कर अभी से एक कार्ययोजना बनाकर वहां जलस्त्रोतों के सुधार का कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सूचना तंत्र का मुख्य स्त्रोत ग्राम पंचायत में रोजगार सहायक होता है अत: रोजगार सहायक को प्रशिक्षण दें जिससे वो ग्राम में पानी की समस्या का आकलन कर तुरंत सीईओ को सूचित करे और मौके पर ही सुधार या व्यवस्था की जा सके।

    श्री कियावत ने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में पेयजल की सुचारू व्यवस्था के लिए प्रत्येक सोमवार को टी.एल. बैठक के पश्चात पीएचई, जनपद सीईओ एवं सीईओ डूडा एक समीक्षा बैठक करें। जिसमें ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पेयजल स्त्रोतों की स्थिति की जानकारी ली जा सके।

    बैठक में पीएचई के मुख्य अभियंता (भोपाल परिक्षेत्र) ने बताया कि सभी जिलों में पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी अधिकारी नगरीय निकाय एवं पंचायत स्तर पर अपने अपने क्षेत्र में पूर्णत: चालू नल-जल योजनाएं, आकस्मिक बंद नल जल योजनाएं एवं जो नल योजना पूर्णत: बंद है उन सभी की जानकारी रोजगार सहायक से लेना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि 30 मार्च से पूर्व सभी बंद योजनाओं को चालू कर किया जाना है। अत: सभी अधिकारी अभियान चलाकर अपने अपने कार्यक्षेत्र की नल-जल योजनाओं तथा हैण्डपंपों के सुधार का कार्य करायें। बैठक में श्री कियावत ने पेयजल संकट की स्थिति में पेयजल परिवहन के संबंध में कहा कि अति आवश्यक होने पर ही पेयजल परिवहन किया जाए। उन्होंने कहा कि विधायक सांसद निधि से प्राप्त टैंकर्स का उपयोग अन्य ग्राम में भी किया जा सकता है। आवश्यकता होने पर अन्य ग्राम में भी उपयोग करना सुनिश्चित करें। श्री कियावत ने संबंधित अधिकारियों से बैठक में यूआईडीएसएसएमटी योजना तथा एडीबी जल प्रदाय योजना के संबंध में जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए।

/ Madhya_Pradesh      Jan 09 ,2019 15:23