नकल के लिये 116 बार किया आवेदन, 10 साल से काट रहा चक्कर / Madhya_Pradesh

नकल के लिये 116 बार किया आवेदन, 10 साल से काट रहा चक्कर

 

कलेक्टर एवं कमिश्नर डाल रहे एक दूसरे के पाले में गेंद 

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शहडोल। शहडोल संभागायुक्त के पास  जनसुनवाई में एक ऐसा मामला सामने आया जिसके बाद संभागायुक्त एवं कलेक्टर मामले को एक दूसरे के पाले में डाल रहे है। दरअसल शहडोल निवासी एडवोकेट विश्वेश्वर कुमार पटेल  पिछले 10 वर्षों से कलेक्टर और कमिश्नर कार्यालय में एक जमीन संबधी नकल देने के मामले में चक्कर काट रहे हैलेकिन उसे नकल देने का आज तक इंतजाम  तो कलेक्टर  करपाये और  ना ही कमिश्नर। मजे की बात यह है कि मामला जनसुनवाई का था और फाईलों में घूमता रह गया।

 

10 वर्ष पहले आवेदन

 10 वर्ष पहले  आवेदन करने वाले विश्वेश्वर कुमार पटेल एडवोकेट बुढ़ार ने नकल शाखा में नकल संबंधी आवेदन लगाया था लेकिन वकील को ही 10 वर्ष आवेदन लगाये बीत गया पर उसे अब तक उसे आवेदन के अनुसार न्याय नहीं मिला। वर्ष 2009 में यह आवेदन लगाया गया था पर आवेदन किसी काम का नहीं रहा और उसने अंतत: एक बार फिर कमिश्नर के यहां गुहार लगाई। 

ये हैं नियम 
जानकारों की अगर मानें तो किसी भी आवेदनकर्ता को जन सुनवाई में आवेदन लगाने पर तो न्याय की पूरी उम्मीद होती है, लेकिन नकल शाखा में किसी भी नकल संबंधी आवेदन पर सात दिन के अंदर सुनवाई होती है और हर हालत में उसे सात दिन के अंदर नकल देना पड़ता है। पर विशेश्वर पटेल को 10 वर्ष में भी न्याय नहीं मिल पाया। गौरतलब है कि नकल संबंधी मामले में प्रमुख सचिव ने भी शहडोल में स्पष्टतौर पर निर्देशित किया था। पर इन निर्देशों को दर किनार कर दिया गया। 
कमिश्नर ने कहा दिखवाता हूं
इस मामले में जब कमिश्नर जे.के

/ Madhya_Pradesh      Jan 04 ,2019 05:40