क्या सो रही सरकार ? 15 दिन से फंसे हैं यहा 15 मजदूर / delhi

क्या सो रही सरकार ? 15 दिन से फंसे हैं यहा 15 मजदूर

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पिछले करीब 15 दिनों से 15 मजदूर यहा फंसे हैं, इसको लेकर राजनीति शुरू हो गई है। लेकिन इनको बाहर निकालने का रास्ता अब तक नहीं निकाला गया है। मामला मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में एक अवैध कोयला खदान का है। जहा 13 दिसंबर की सुबह खदान में अचानक पानी बढ़ जाने की वजह से खनन कार्य में लगे मजदूर बाहर नहीं निकल पाए। एनडीआरएफ की टीम लगातार इन मजदूरों के रेस्क्यू में जुटी रही। लेकिन सफल नहीं हो पाई।

      बचाव दल का मानना है कि खनन के लिए बनाई गई संकरी सुरंग में पानी भर जाने से फंसे मजदूरों तक पहुंचा नहीं जा सकता। इस वक्त खदान में जितना पानी है उसे निकालने के लिए 100 हॉर्स पावर के 10 पम्प की जरूरत है. लेकिन बचाव दल के पास 25 हॉर्स पावर के सिर्फ दो पम्प मौजूद हैं. अब तक मिली जानकारी के मुताबिक बचाव कार्य के लिए हालात बेहत मुश्किल हैं. क्योंकि खदान में पानी भर जाने से मजदूर निकल पा रहे हैं और ही बचाव दल इन तक पहुंच पा रहा है. स्थानीय लोगों के मुताबिक खदान के पास की नदी का लगभग पूरा पानी खदान में घुस गया है. पिछले दो हफ्तों से चल रहे इस बचाव कार्य में अब तक खदान में से 20 लाख लीटर पानी निकाले जाने की संभावना है. लेकिन खदान का जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है. सरकार हाई पावर पम्प की व्यवस्था करने में जुटी है. लेकिन अभी तक व्यवस्था हो नहीं पाई है.

      वहीं, इस संकट की घड़ी में राजनीति भी शुरू हो गई है. सबसे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट में लिखा, ‘पानी से भरी कोयले की खदान में पिछले दो हफ्ते से 15 मजदूर सांस लेने के लिए लड़ कर रहे हैं. इस बीच, प्रधानमंत्री बोगिबील पुल पर कैमरों के सामने पोज देते हुए अकड़कर चलते हैं. उनकी सरकार ने बचाव के लिए हाई प्रेशर वाले पंपों की व्यवस्था करने से इनकार कर दिया, प्रधानमंत्री जी, कृपया मजदूरों को बचाइ.

 

/ delhi      Dec 27 ,2018 05:16