2000 और 500 के नोट 2 साल में हुए बेकार, खतरे में 10 का नया नोट / delhi

2000 और 500 के नोट 2 साल में हुए बेकार, खतरे में 10 का नया नोट

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नई दिल्ली। देश के एक दैनिक समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक 2000 और 500 रुपए के नोट दो साल में ही चलने लायक नहीं रहे। ख़बरे में दस रुपए के नए नोटों पर भी ऐसा ही खतरा बताया है। ऐसा इसलिये है क्योकि नोटों में इस्तेमाल कागज की गुणवत्ता ठीक नहीं है। इस रिपोर्ट में 2000 और 500 के नोटों को एटीएम में भी नहीं डाला जा सकता ऐसा बताया गया है।

इस समाचार पत्र की यह ख़बर सही हुई तो सरकार को फिर से नये नोट की छपाई करानी होगी। उसका खर्च भी सरकार को ही उठाना पड़ेगा। याने एक बात साफ है फिर देश की जनता के उपर बोझ आने जा रहा है। वहीं सरकार का कहना है की नोट की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया गया है। अखबार की माने तो 2,000 रुपये और 500 रुपये के नए नोटों के अलावा, 2018 में जारी किए गए नए 10 नोट भी ‘इस्तेमाल करने लायक नहीं’ रहे हैं।

      आप को बता दें 8 दिसंबर 2017 राज्य सभा में वित्त राज्य मंत्री पी राधाकृष्णन ने अपने लिखित जवाब में कहा था कि सरकार को 500 रुपए के नोट छापने में करीब 5,000 करोड़ रुपए का खर्च आया। इसमें करीब 1,695.7 करोड़ नोट छापे गए थे।-दइेचय वहीं 2000 रुपए के नोट छापने में 1,293.6 करोड़ रुपए का खर्च आया। इस कीमत में 365.4 करोड़ 2000 रुपए के नोट छापे गए। आरबीआई के मुताबिक 2000 रुपए का एक पैकेटमतलब 1000 नोट छापने में 3,540 रुपए का खर्च आता है। इस तरह एक नोट को छापने में 3 रुपए 54 पैसे का खर्च आता है। वहीं 500 रुपए का 1000 नोट का एक पैकेट छापने में 3,090 रुपए का खर्च आता हैमतलब 500 रुपए का एक नोट आरबीआई को 3 रुपए 9 पैसे में पड़ता है।

 

/ delhi      Nov 28 ,2018 17:14