मिली बड़ी खुशी, बीस साल पहले गुम हुई गीता पहुंची अपने घर / Madhya_Pradesh

मिली बड़ी खुशी, बीस साल पहले गुम हुई गीता पहुंची अपने घर

@lionnews.in
 
छिदवाडा:-छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नन्दौरी के चंद्रवंशी परिवार की बेटी गीता 20 साल पहले अचानक ही गुम हो गई थी।जिसके बाद परिवारजनों और उसके भाई द्वारा अपनी एकलौती बहन को तलाश करने हेतु लाख जतन किये।लेकिन वो गीता को नही ढूंढ पाए जिसके चलते पिछले बीस सालों से गीता की याद करते हुए वे अपना जीवन गुजार रहे थे लेकिन 01 नवंबर का दिन उनके जीवन मे अभूतपूर्व खुशी लेकर आया क्योंकि उस दिन चंद्रवंशी परिवार अपनी खोई हुई बेटी से पुनःमिल पाया और दीपावली पूर्व उन्हें अनमोल तोहफे के रूप में उनकी बेटी के दीदार हुए।आखिर क्या हुआ था 20 साल पहले जिससे गीता अपनो से जुदा हो गई थी।दरअसल ग्राम नन्दौरी में रहने वाली गीता की शादी साल 1996 में सिंगोड़ी में हुई थी,शादी के लगभग 1-2 साल के भीतर ही ससुराल पक्ष द्वारा उसे प्रताड़ित किया गया जिससे मानसिक रूप से वो बहुत परेशान हो गई और बिना किसी को कुछ बताए ट्रैन में बैठकर वो भटकते हुए केरल पहुंच गई थी।जहां उसे एक महिला आश्रम में सहारा मिला जिसके बाद सब कुछ भूलकर वो वहां रहने वाले लोगों से घुल मिलकर रहने लगी एवं वहीं अपना जीवन यापन करने लगी,इस दौरान वहां उसका ईलाज भी चला जिससे वो स्वस्थ हुई और आश्रम में रहकर ही खाना बनाने और कपड़े की सिलाई कढ़ाई का कार्य करते हुए अपना जीवन यापन करने लगी,इस दौरान उसने वहां की मलयालम भाषा भी सीखी और अब वो फर्राटे से मलयालम भाषा भी बोल लेती है।एक तरफ जहां गीता अपना स्वास्थ बेहतर कर अपना जीवन यापन कर रही थी तो दूसरी ओर अपनी बेटी की राह देखते थक चुका उसका परिवार भी जैसे तैसे अपना जीवन जी रहा था लेकिन इन दोनों के ही जीवन मे बीता अगस्त माह एक उम्मीद की किरण लेकर आया जब केरल और मध्य्प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की आपसी चर्चा में ये मालूम हुआ कि छिंदवाड़ा जिले के सिंगोड़ी ग्राम के नजदीक नन्दौरी ग्राम की एक महिला कोच्चि के आश्रम में रह रही है जिसके बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश बी एस भदौरिया के निर्देश पर महिला की जानकारी एकत्र करने की कार्यवाही की गई इस दौरान सिंगोड़ी चौकी प्रभारी जितेंद्र यादव ने परिजनों की तलाश करते हुए अपनी जांच रिपोर्ट मध्य्प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजी जिसे केरल राज्य प्राधिकरण को भेजा गया जिसके आधार पर परिवार जनों की सहमति पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और पुलिस की सक्रियता के चलते बीस साल बाद गीता अपने परिवार वालों से मिल पाई।शुक्रवार को गीता अपने भाई मेखलाल के साथ जिला न्यायालय पहुंची और न्यायाधीश बी एस भदौरिया से मुलाकात की और अपने भाई के साथ घर रवाना हो गई।लगभग बीस साल बाद अपने परिवार से मिली गीता ने पत्रकारो से चर्चा करते हुए बताया कि वो अपने भाई और परिवार जनों से मिलकर बहुत खुश है, पति की प्रताड़ना से तंग आकर वो भागकर केरल पहुंच गई थी जहां वो एक आश्रम में रह रही थी,इस दौरान वो अपने परिवार जनों को बहुत याद भी किया करती थी वहीं गीता के भाई मेखलाल चंद्रवंशी ने बताया कि पुलिस की सूचना के बाद उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में संपर्क किया और फिर अपनी बहन को लाने के लिए केरल गए आगे उन्होंने बताया कि अब वो अपनी बहन को अपने साथ घर मे रखकर उसका खयाल रखेंगे।सिगोडी नगर से पांच कि.मी की दूरी से लगा नंदौरी ग्राम के निवासी दन्नू चंदवशी की पुत्री का सिगोडी चंद्रवशी के साथ हुआ था।गीता ससुराल पक्ष से परेशान होने के कारण वह कोच्चि में पल्लवरची चली गई।जहां 20 साल उन्होंने वही गुजार लिया।जब सिंगोडी नगर की मीडिया को इस बात की जानकारी लगी की गीता 20 साल बाद अपने गांव लौट चुकी है तभी मीडिया कर्मियों ने गीता के घर पहुंचकर गीता से बात की तो उन्होंने बताया कि मेरी शादी के बाद से ही मै अपनी ससुराल पक्ष से परेसान थी मेरे साथ मारपीट करते थे इससे में मानसिक रूप से प्रताड़ित थी।जिसके बाद में अपने माता पिता के पास रहने लगी।जहां कुछ दिनो मेने अपने परिवार के साथ बिताया और में नंदौरा ग्राम से छिदवाडा पहुंची।फिर ट्रेन का सहारा लेकर नागपुर चली गई।नागपुर से केरल जाने बाली ट्रेन में बैठ गई।जो कि ट्रेन केरल के कोच्चि में पल्लवरची पहुच गई।तभी केरल पुलिस ने गीता को आश्रम में पहुंचा दिया गीता रोज आश्रम में रहने वाले लोगों के लिए खाना बनाने लगी और उसी आश्रम में सिलाई बुनाई का काम सीखने लगी।उसी आश्रम में गीता ने बीस साल अपनी खाना बनाने और सिलाई बुनाई का काम सीखने में सालो गुजार दिया।गीता ने पत्रकारों से कहा कि मुझे मेरे परिवार की बहुत याद आती थी और मैं हर समय अपने परिवार को याद करा करती थी।गीता ने कहा कि पहले  ऐसा कानून नहीं था जिसके कारण में केरल में ही 20 साल गुजार दी जैसे ही कानून पास हुआ तो मैंने कानून का सहारा लेकर आज अपने घर पहुंच चुकी हूँ।अब सारा समय मैं अपने परिवार के साथ बिताना चाहती हूं।गीता के घर बापसी होने से मिलने वालो का लग रहा तांता 
 
गीता के घर वापसी होने से उनके परिवार के सगे संबंधी रिश्तेदार और आसपास के क्षेत्र के लोग उनसे मिलने और देखने के लिये उनके घर पहुच रहे है क्षेत्र में घर बापसी की खबर आग की तरह फैल गई है ।
/ Madhya_Pradesh      Nov 03 ,2018 18:58