सीईओ मुद्रिका पटेल का बेतुका बयान, कहा-अधिकारी तो आते-जाते रहते हैं / Madhya_Pradesh

सीईओ मुद्रिका पटेल का बेतुका बयान, कहा-अधिकारी तो आते-जाते रहते हैं

      सोहागपुर जनपद में अनियमितताओं की एक लंबी फेहरिस्त शामिल है, जहां पंचायतों में निर्माण कार्यों के साथ-साथ अन्य विकास मूलक कार्यों में भी भ्रष्टाचार की इबारत लिखी गई है। शासन को भले ही ओडीएफ का आंकड़ा सीईओ ने दिया हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। नियुक्तियों की गड़बड़ी में भी सीईओ ने डुबकी लगाई है, उन्हें कमिश्रार की सख्त कार्यवाही की परवाह भी नहीं है और वो बेतुके बयान पर आमादा हैं।

शहडोल। अभी हाल ही में संभागायुक्त शहडोल ने जनपद सोहागपुर में निरीक्षण के दौरान 11 फाईलों को अपने समक्ष निरीक्षण किया और उन फाईलों को कमिश्रार अपने साथ ले गये। इन फाईलों को ले जाते ही जनपद सोहागपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की नींद उड़ गई जिसमें निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचा के साथ-साथ नियुक्ति में नियम संगत काम न होने के कारण उस फाईल को भी ले जाया गया। अपनी करतूतों की पोल खुलती देख छटपटाये सीईओ ने विगत दिनों एक ऐसा बयान दे डाला जो अधीनस्थ अधिकारी की मर्यादाओं को भी तार-तार करता है। 
क्या हुई कार्यवाही 
संभागायुक्त ने जनपद सोहागपुर में सीईओ और उसकी कंपनी काली करतूतों की भनक जैसे ही लगी। निरीक्षण के दौरान 11 फाईलों को अपने साथ ले गये उनमें ग्राम पंचायत बोडऱी में रोजगार सहायक राजकुमार तिवारी की नियुक्ति में नियमों की तिलांजलि दी गई थी और उस फाईल को संभागायुक्त ने अपने अधीनस्थ कर लिया तथा जिन 10 और फाईलों को संभागायुक्त ने अपने पास सुरक्षित किया वो फाईलें निर्माण कार्यों की पोल खोल रही थी। बौखलाये सीईओ ने क्या कहा यह भी आश्चर्य वाली बात ही है। 
सीईओ का बेतुका कथन
11 फाईलों के संबंध में सीईओ मुद्रिका पटेल से जब यह जानकारी चाही गई कि संभागायुक्त ने जिन 11 फाईलों को अपने पास सुरक्षित रखा है उन फाईलों में नियुक्ति के साथ-साथ निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की इबारत लिखे जाने का काम हुआ है। मजे की बात यह है कि जैसे ही यह प्रश्रा मुद्रिका पटेल से पूंछा गया वो तिलमिला से उठे और उन्होने कहा कि अधिकारी तो आते-जाते रहते हैं, उन्होने अपना काम किया है, मैं अपना काम करूंगा। संभागायुक्त के निरीक्षण को मुद्रिका पटेल ने सामान्य तरीके से लिया है जबकि उन 11 फाईलों पर अगर कार्यवाही हुई तो शायद मुद्रिका पटेल पर सवाल खड़े होंगें। 
क्या हुआ आदेश
जानकारों की अगर मानें तो संभागायुक्त जे.के.जैन ने इस पूरे मामले में गंभीरता बरतते हुये ग्राम बोडऱी में रोजगार सहायक की नियमसंगत तरीके से नियुक्ति ने होने पर मुद्रिका पटेल को तो कारण बताओ नोटिस जारी किया है और कुछ बिंदुओं पर उनसे सवाल भी पूंछे हैं। एक सप्ताह में मुद्रिका पटेल का जबाब क्या होगा यह तो समझ से परे हैं, लेकिन पिछले दो दिनो ंसे मुद्रिका पटेल ने राजनैतिक आकाओं की शरण ली है। जनपद के जिन नेताओं से कल तक मुद्रिका पटेल को परहेज था आज उन्हीं नेताओं से मंत्रणा करते नजर आ रहे हैं। 
वस्तु स्थिति स्पष्ट करें
जिन 11 फाईलों को संभागायुक्त ने निरीक्षण के दौरान अपने साथ ले जाकर उसका निरीक्षण किया एवं फाईलों में गड़बड़ी होने के कारण एक मामले में कारण बताओ नोटिस जारी की। सारी की सारी फाईलें संभागायुक्त द्वारा सीईओ को वापस कर इस बात के निर्देश दिये गये हैं कि हर फाईलों का पूर्ण विवरण वस्तु स्थिति सहित अवगत कराया जाये। इसके लिये सीईओ को सख्त निर्देश भी दिये हैं, लेकिन कमिश्रर के इस निर्देश को मुद्रिका  पटेल ने बड़े ही सहज भाव में लिया है। संभागायुक्त के इस निर्देश पर सीईओ क्या करेगे यह तो नहीं पता लेकिन सोहागपुर जनपद के नाक के  नीचे की ग्राम पंचायतों को भले ही मुद्रिका पटेल ने ओडीएफ कर दिया हो, लेकिन आज भी स्थिति यथावत है। 
बण्डीखुर्द में भी सीईओ की हण्डी
ग्राम पंचायत बण्डी खुर्द में सीईओ की अपनी एक अलग हुकूमत है। आदिवासी ग्रामीणों की हकीकत भी वहां कुछ और है। सीईओ, उपयंत्री एवं सचिव ने मिलकर इस पंचायत में जो ताण्डव मचा रखा है उसकी दस्तां ही कुछ और है। यहां तो पूरे क्षेत्र में आदिवासियों का शोषण खुलकर हो रहा है। 

इनका कहना है
इस मामले में फाईल सीईओ को लौटा दी गई हैं और उनसे पूर्ण विवरण मांगा गया है। 
जे.के.जैन
संभागायुक्त शहडोल संभाग

/ Madhya_Pradesh      Oct 15 ,2018 03:07