वन विभाग की जमीन पर कब्जा, रेंजर और नाकेदार का कमाल / Madhya_Pradesh

वन विभाग की जमीन पर कब्जा, रेंजर और नाकेदार का कमाल

 

@lionnews.in

केवल कृष्ण त्रिपाठी, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी से लगी चिकलोद रेंज में बीट डोगरिया, कम्पारटमेंट 803 वन विभाग के स्पाट को समझने के लिये इसे ऐसे समझें, चिकलोद से 2 किलोमीटर बरबरपुर जोड से सोसायटी के लिये जो रोड़ गया है पिपरिया गांव के पहले उर्जा बन से लगें इलाके में सीपीटी के अंदर रमेंश पुत्र महेन्द्र सिंह ने तीन एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया है। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना हैं कि पिछले कुछ महिनों में जबरदस्त अतिक्रमण यहा हुआ है। बड़ी बात यह है कि वन विभाग की सीमा तक गायब कर दी गई है। यह सब होता गया और वन अमला सौता रहा। लॉयन न्यूज का सूत्र बता रहा है कि यह सब इस इलाके के रंजर और नाकेदार की मिलीभगत के चलते हुआ है। वहीं वरिष्ठ अधिकारी कब्जा होने की पुष्टि करते हैं लेकिन अपने रेंजर और नाकेदार को संरक्षण प्रदान करते हुए कह रहे है कि कब्जा 2012 से हैं। इस मसले पर जब लॉयन न्यूज के संवाददाता ने सीसीएफ सजय तिवारी से बात की तो उनका कहना है कि इस प्रकरण की जांच करने के लिये निर्देश दे दिये गये हैं। जल्द ही हम इसमें कार्यवाही करेगें।

वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण कोई नई बात नहीं है। चिकलोद रेंज में 2012 से जमीन के कब्जा करने की घटनाओं में तेजी आई है। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अतिक्रमण होने की पुष्टि तो करते है लेकिन 2012 से आज दिनांक तक कब कब क्या किया यह कहते से बचते हैं। बात करे वन विभाग की जमीन पर कब्जे की तो पुर प्रदेश में वन विभाग की जमीन अतिक्रमण करने वालों की नजरों में रहती हैं। 

 

/ Madhya_Pradesh      Oct 15 ,2018 02:59