मोदी सरकार का फैसला, जनगणना में जुटाए जाएंगे पिछड़ी जातियों के आंकड़े / Madhya_Pradesh

मोदी सरकार का फैसला, जनगणना में जुटाए जाएंगे पिछड़ी जातियों के आंकड़े

 नई दिल्ली।  2021 में आम जनगणना के दौरान ओबीसी के आंकड़े अलग से जुटाए जाएंगे। ओबीसी नेताओं की ओर से लंबे समय से पिछड़ी जातियों की जनगणना कराने की मांग की जा रही थी। इसके पहले सरकार विपक्ष के तमाम अड़ंगों के बावजूद ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने में सफल रही है।
देश में ओबीसी की सही जनसंख्या के आंकड़े नहीं 
शुक्रवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने 2021 की जनगणना की तैयारियों की समीक्षा के दौरान ओबीसी के आंकड़े अलग से जुटाने का निर्देश दिया। अभी तक देश में ओबीसी की सही जनसंख्या के आंकड़े नहीं हैं। मंडल कमीशन के आधार पर ओबीसी को 27 फीसद का आरक्षण दे दिया गया, लेकिन मंडल कमीशन की रिपोर्ट खुद 1931 की जनगणना के आंकड़ों पर आधारित थी। 
वहीं 2006 में ओबीसी की जनसंख्या का अंदाजा लगाने के लिए एनएसएसओ सर्वे किया गया था, इस सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार देश में कुल जनसंख्या का 41 फीसदी ओबीसी है। लेकिन ओबीसी नेता लंबे समय से पिछड़े वर्गो की अलग से जनगणना की मांग कर रहे थे, ताकि आरक्षण और अन्य विकास योजनाओं में उनकी सही भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

/ Madhya_Pradesh      Aug 31 ,2018 18:02