भिनयन में हुआ नाटक कनुआ का प्रदर्शन BHOPAL / Madhya_Pradesh

भिनयन में हुआ नाटक कनुआ का प्रदर्शन

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भोपाल| मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में नवीन रंगप्रयोगों के प्रदर्शन की साप्ताहिक श्रृंखला 'अभिनयन' में राजीव श्रीवास्तव के निर्देशन में नाटक 'कनुआ' का मंचन संग्रहालय सभागार में हुआ|

         भारतवर्ष के कोने-कोने में फैली लोक कथाएं सदैव ही सामाजिक सरोकार रखती हैं या यूँ कहें कि समाज एवं व्यक्ति के सभी गुण-दोषों का न सिर्फ यथेष्ठ आकलन करती हैं, बल्कि इन कुरीतियों का बारीक़ विश्लेषण करते हुए सिर्फ परिणामों से ही आगाह नहीं कराती हैं, उनसे जूझना और निपटने का मार्ग भी प्रशस्त करती हैं| 'बिहार' की ऐसी ही एक लोकप्रिय कथा है 'कनुआ'| 'कनुआ' जो एक कुटिल, लोभी, चालाक और धूर्त व्यक्ति है, राजा की मानसिक कमजोरियों का लाभ उठाकर ऐसा तानाबाना बनता है, जहाँ धर्मनिष्ठ, कर्तव्यनिष्ठ और सीधे-साधे लोग राजा की आँख की किरकिरी बन जाते हैं और लोभी और चालाक लोगों की तूती बोलने लगती है| ऐसे में राज्य का बफादार मंत्री, 'कनुआ' का शत्रु बन जाता है, शासन का प्रमुख विवेकहीन और उसके मातहत यदि लोभी लालची हों, तो राज्य की क्या-दुर्दशा हो सकती है। इसी भाव को रोचक व प्रेरक अंदाज़ में इस नाटक के माध्यम से मंच पर प्रस्तुत किया गया| इस नाटक में समाज की कुरीतियों को और समाज में फैली बुराइयों को मंच पर प्रस्तुत किया जायेगा| राजीव श्रीवास्तव कई वर्षों से रंग कर्म के क्षेत्र से जुड़े हैं| राजीव श्रीवास्तव ने कई नाटकों में अभिनय करने के साथ ही साथ कई नाटकों का निर्देशन भी किया है|

         इस नाटक में मंच पर शिविर लोकरस, सुनीता अहिरे, रमेश अहिरे, प्रियेश पाल, रविकांत गर्ग, प्रकाश गायकवाड़, शरद नाईक, रोली श्रीवास्तव, आशीष ओझा प्रीति खरे, अमन पाठक और विश्वकर्मा आदि ने अपने अभिनय कौशल से दर्शकों को मोह लिया| नाटक के दौरान मंच व्यवस्था में प्रकाश गायकवाड़ ने, मंच सामग्री में अमन पाठक और आशीष ओझा ने, मंच निर्माण में आशीष विश्वकर्मा और प्रकाश ने, मंच परिकल्पना में रमेश अहिरे ने, वेशभूषा में रश्मि आचार्य ने, रूप सज्जा में प्रभात राज निगम ने, नृत्य में आशीष ओझा ने, प्रकाश एवं सहायक निर्देशन में भुवांशु शर्मा ने, प्रस्तुति व्यवस्था मेंरमेश अहिरे ने, गायन में शिविर लोकरस, सुनीता अहिरे, शरद नाईक, रजनी विग और रोली श्रीवास्तव ने, संगीत में अनिल संसारे और लक्ष्मीकांत ने ओसले ने सहयोग किया| इस नाटक का लेखन सुनील कुमार सिंह ने और परिकल्पना एवं निर्देशन राजीव श्रीवास्तव ने किया|    

BHOPAL / Madhya_Pradesh      Aug 24 ,2018 14:30