डूब गया'विकास', नागपुर का हुआ 'नाश' / Madhya_Pradesh

डूब गया'विकास', नागपुर का हुआ 'नाश'

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नागपुर। महाराष्ट केें नागपुर में हुई जोरदार बारिश ने भारतीय जनता पार्टी के विकास की पोल खोल दी। इस शहर में महाराष्ट मुख्यमंत्री दवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का घर और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) का मुख्यालय है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने ऐतिहासिक नागपुर शहर को सियासी तौर पर चमकाने में 6 खरब 15 अरब 29 करोड़ रुपये (615290000000) की राशि खर्च की जा रही है। इस मोटे तोर पर नागपुर के 61 किलोमीटर आउटर रिंग रोड समेत 119 किलोमीटर सड़क-ब्रिज बनाने की योजना है। इसके अलावा नागपुर से मुंबई तक सुपर कम्युनिकेशन एक्सप्रेस वे, नागपुर में सीमेंट रोड, कोराडी-बोखरा-गोधनी फारस रोड का चैड़ीकरण और मेट्रो चलाने की योजना है। विकास के नाम पर काम जोरों पर है। अब बारिश में सारे विकास को डूबो दिया है। नागपुर की जनता कह रही है ऐसे विकास को क्या चाटे। आज नागपुर में हर तरफ पानी पानी हैं। विकास के नाम पर हुए नुकसान की भरपाई में कई घरों में चूले तक डूब गये। नागपुर की जनता ने लॉयन न्यूज से कहा कि असल में विकास किसका हो रहा है। आम आदमी मौसम की मार से मर रहा है। और खास आदमी विकास के नाम पर अपनी तिजारी भर रहा है। जो कल तक एक अदल मोटरसाईकिल पर दिखते थे अब वो चार पहिया गाड़ी पर आ रहे है।  

महाराष्ट्र के पावर सेंटर यानी नागपुर में विकास के नाम पर शहर में जहां कल तक तेज रफ्तार में गाड़ियां दौड़ती थी आज वहां नाव चलती दिखी। यही नहीं सूबे का विधानसभा भी पानी-पानी हो गया। विधानसभा में घंटों अंधेरा रहा। सदन के बाहर भारी जल जमाव और भीतर घुप अंधेरा छाया रहा। आलम यह था की सियासतदां मोमबत्ती और मोबाइल टॉर्च की रोशनी में काम निपटाते दिखे। बारिश से बनी बाढ़ की स्थिति के बाद भाजपा के विकास पर कई सवाल उठा दिये है। असल में विकास किसका हो रहा है। आम आदमी मौसम की मार से मर रहा है। और खास आदमी विकास के नाम पर अपनी तिजारी भर रहा है। जो कल तक एक अदल मोटरसाईकिल पर दिखते थे अब वो चार पहिया गाड़ी पर आ रहे है।  

दरअसल, ऐतिहासिक नागपुर शहर को सियासी तौर पर चमकाने में 6 खरब 15 अरब 29 करोड़ रुपये (615290000000) की राशि खर्च की जा रही है. इस मोटे रकम में से 7000 करोड़ में नागपुर के 61 किलोमीटर आउटर रिंग रोड समेत 119 किलोमीटर सड़क-ब्रिज बनाने की योजना है. इसके अलावा 46000 करोड़ रुपये में नागपुर से मुंबई तक सुपर कम्युनिकेशन एक्सप्रेस वे, 300 करोड़ में नागपुर में सीमेंट रोड, 35 करोड़ में कोराडी-बोखरा-गोधनी फारस रोड का चैड़ीकरण और 8640 करोड़ में मेट्रो चलाने की योजना है। तो सवाल उठता है कि खरबों रुपया नागपुर के लिये खर्च हो रहा है फिर भी नागपुर आज पानी-पानी क्यों है? और वह भी उसी दिन जिस दिन नागपुर में ये सोच कर मानसून सत्र शुरु हो रहा है कि मुंबई तो बारिश में डूब ताजी है पर नागपुर तो शानदार है. हरा भरा है. इंफ्रास्टक्चर से लैस है. तो फिर नागपुर का ये हाल कैसे हो गया?

/ Madhya_Pradesh      Jul 06 ,2018 17:27