प्रति क्विटंल 200 रुपये बढ़ा धान का समर्थन मूल्य, किसान फिर भी दुखी / delhi

प्रति क्विटंल 200 रुपये बढ़ा धान का समर्थन मूल्य, किसान फिर भी दुखी

@lionnews.in

प्रति क्विटंल 200 रुपये बढ़ा धान का समर्थन मूल्य, किसान फिर भी दुखी

नई दिल्ली। देश में धान के किसानों को मोदी सरकार ने बढ़ा तोहफा दिया है। 2019 आम चुनाव से पहले बजट की घोषणा पर अमल करते हुए धान पर प्रति क्विटंल 200 रूपये बढ़ा दिया गया है। लेकिन देश का किसान फिर भी दुखी है। किसान बढ़ती डीजल की किमतो से परेशान है। किसानों की माने तो उनको फसल में मिलने वाला लाभ व्यापरी उठा लेते है। बहुत कम किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है। ऐसे में भाजपा सरकार पर व्यापारियों की पार्टी होने और हर फैसले को व्यापारियों के हितों का ध्यान रखने से जौड़ कर देखा जा रहा है। 

              देश का किसान दुखी है केन्द्र सरकार उसको खुश करने के लिए हर सम्भब प्रयास कर रही है। मोदी सरकार ऐसा जनता को और किसानों को बताना चाहती है। इसे ठीक दो दिन पहले मध्यप्रदेश के जबलपुर की कलेक्टर छवि भारद्ववाज ने व्यापारियों की जालबाजी को पकड़ा है। जो यह बताता है कि किसानों को मिलने वाला फायदा तो व्यापारियों को मिल रहा है। फसल के नाम पर मिल रहा हर लाभ किसान को न मिलकर व्यापारियों को मिल रहा है। आप को बता दे जबलपुर में रकबा कम और उपज ज्यादा बाजार में आने से मध्यप्रदेश का प्रशासन सकते में है। जब जांच हुई तो पाया गया कि व्यापारी इसके पीछे सरकर को चुना लगा रहे है। दबा कर रखी फसल को बाजार में भावांतर का लाभ लेने में कामयाब हो गये। बहुत कम किसानों को इसका लाभ मिल सका।  वहीं देश के किसान को खुशहाल बनाने का सपना सरकार 2019 आम चुनाव से पहले बजट की घोषणा पर अमल करते हुए मोदी सरकार ने किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। लागत मूल्य से 50 फीसदी अधिक दाम देने के वादे के तहत केंद्रीय कैबिनेट ने खरीफ फसलों के नए समर्थन मूल्य को मंजूरी दी है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सरकार के फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 200 रुपये बढ़ाकर 1,750 रुपये क्विंटल कर दिया गया है, जबकि ए ग्रेड धान पर 160 रुपये का इजाफा किया गया है। उन्होंने कहा कि एमएसपी बढ़ाने से सरकार पर 15 हजार करोड़ का अतिरिक्त भार बढ़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस वृद्धि को ऐतिहासिक बताया है। अब देखना होगा यह फेसल किसके लिए ऐतिहासिक है किसानों के लिये या व्यापारियों के लिए। वैसे भी भाजपा को व्यापारियों की पार्टी माना जाता है। 

/ delhi      Jul 04 ,2018 16:23