खत्म हुई ‘‘संकल्प यात्रा’’ नहीं दिखा विश्वास का संकल्प, 2008 की यात्रा में 1 लाख और इसमें मात्र 3 हजार Bhopal / Madhya_Pradesh

खत्म हुई ‘‘संकल्प यात्रा’’ नहीं दिखा विश्वास का संकल्प, 2008 की यात्रा में 1 लाख और इसमें मात्र 3 हजार

@lionnews.in

केवल कृष्ण त्रिपाठी, भोपाल। मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को अपने ही ले डूबेगें। भाजपा का युवा मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की फटकार के बाद प्रदेश में सक्रिय तो  हुआ लेकिन युवा संकल्प यात्र के समापन दिवस पर छिंदवाड़ा में सारी पोल खोल गई। 2008 की संकल्प यात्रा के समापन वाले दिन 1 लाख की संख्या में लोग लाल परेट मैदान पहुचे थें। तो वहीं छिंदवाडा में मात्र तीन हजार युवा कार्यकर्ता।

भावांतर योजना के अंतर्गत अपना पुराना स्टॉक खपाने की तैयारी में व्यापारीे, गलती को माना कलेक्टर ने, अब होगी जांच

सीएम का फैमिली संग गाया गाना, कमलनाथ को नहीं आया पसंद, कहा शर्मनाक हैं

कोंचिग करानें की शिकायत प्राप्त होती है तो होगी अनुशासनात्मक कार्यवाही-कलेक्टर

महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के विरूद्ध मुख्यमंत्री का पुतला दहन

डाॅक्टर व कंपाउंडरों ने युवक से की मारपीट परिजनों ने पुलिस अधीक्षक का सौंपा ज्ञापन

PM का आधार कार्ड पर इन्होंने किया था घोर विरोध, उठाये थें कई सवाल

भारतीय जनता युवा मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम महाजन की उपस्थित में तीन हजार कार्यकर्ता पंड़ाल में दिखें। तो पूनम बोल उठी की यात्रा पूरी तरह सफल रही। लेकिन वह भूल गई कि 2008 में तत्कालीन बीजेवायएम के प्रदेशाध्यक्ष विश्वास सारंग ने जो संकल्प यात्रा चन्द्रशेखर की तपोभूमि अलीराजपुर से शुरू की थी। जिसके समापन पर लगभग 1 लाख लोग राजधानी के लालपरेट मैदान में पहुचे थें और संकल्प पत्रों की गटठों को देख उस समय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज से बोल था कि भाजपा को कोई नहीं हरा सकता। जिसके बाद स्वयं मुख्यमंत्री ने अपनी यात्रा निकालने का विचार बनाया था। और 2008 में पार्टी ने जीत हासिल की थी। उस संकल्प यात्रा की एक खास बात यह भी थी कि यात्रा पूरे प्रदेश में हर जिले से निकाली गई थी। संकल्प पत्र जनता से भरवाएं गया थें और संकल्प भी कराया गया था। यात्रा का खर्च युवा मोर्चा ने ही उठाया था। लेकिन अंतिम दिन भोज और पंड़ाल का भुगतान पार्टी ने किया था। तो वहीं इस संकल्प यात्रा की लम्बाई उसकी एक तिहाई भी नहीं थी। यहा छिंदवाड़ा में संकल्प पत्रों की कुल संख्या कोई भी नहीं बता पा रहा है। सूत्र की माने तो

संकल्प पत्र भरे तो गये है परन्तु एक सच्चाई यह भी है कि सारे पत्र कार्यकर्ताओं ने ही भरे है। मंच से लफबाजी और जुमलेबाजी ही सुनाई दी। नारों में सफल रही यात्रा अपना विश्वास संकल्प में नहीं दिखा सकी। हर जगह पोस्टरों में तीन से चार चहरे ही दिखाई दे रहे थें। इस संकल्प यात्रा के समापन के बाद कई सवाल पीछे छूट गये है। युवा मोर्चा अपने कार्यकर्ताओं को एक साथ लेकर चला लेकिन जनता पीछे छुट गई। जिसके चलते केन्द्रीय नेतृत्व से मोर्चा पहले भी डाट खा चूका है।  

Bhopal / Madhya_Pradesh      Jul 04 ,2018 04:20