मुख्यमंत्री के गृह जिले का सच, बैठक में सामने आया, 8वीं के बच्चे को 5वीं, 5वीं के बच्चे को तीसरी की किताब पढ़ना नहीं आतीं Bhopal / Madhya_Pradesh

मुख्यमंत्री के गृह जिले का सच, बैठक में सामने आया, 8वीं के बच्चे को 5वीं, 5वीं के बच्चे को तीसरी की किताब पढ़ना नहीं आतीं

 

@lionnews.in / लॉयन न्यूज

केवल कृष्ण त्रिपाठी, विदिशा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के गृह जिलें में शिक्षा का स्तर गिर गया है। बुधवार को शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर 2 अलग-अलग बैठकें हुईं। इनमें से एक बैठक जिला शिक्षा स्थायी समिति की थी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ जिला पंचायत के सभागार में यह बैठक हुई। वहीं दूसरी बैठक नीति आयोग के प्रतिनिधि अरुण गोरे और कलेक्टर अनिल सुचारी की उपस्थिति में आयोजित की गई। इन दोनों बैठकों में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कई खामियां उजागर हुईं हैं। नीति आयोग की बैठक में सबसे ज्यादा चैकाने वाली यह सामने आई कि विदिशा जिले के सरकारी स्कूलों में कक्षा आठवीं के बच्चे को पांचवीं, पांचवीं के बच्चे को तीसरी तथा तीसरी तक के बच्चों को पहली कक्षा की किताब तक पढ़ना नहीं आती है।

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               इन्हीं खामियों के चलते नीति आयोग की रिपोर्ट में विदिशा जिला शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा घोषित किया गया है। विदिशा जिले को शिक्षा के क्षेत्र में 67वीं रैंकिंग प्राप्त हुई है। बैठक में यह बात भी सामने आई कि जिले में 198 ऐसे प्राइमरी और मिडिल स्कूल हैं जहां एक भी शिक्षक की पदस्थापना ही नहीं है। इसके अलावा अधिकतर ऐसे स्कूल हैं जिनमें मैथ्स और भाषा यानी हिंदी और अंग्रेजी के शिक्षक ही नहीं हैं। इसी प्रकार लटेरी ब्लाक में 15 से 16 किमी दायरे में हाईस्कूल तक नहीं है। इससे छात्र-छात्राओं को अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती है। इस पर डीईओ एचएन नेमा ने कहा कि ऐसे गांवों के छात्रों को स्कूल तक पहुंचाने के लिए 9 रूट चिन्हित किए गए हैं। यहां पर छात्रों को स्कूल तक पहुंचाने के लिए बस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

Bhopal / Madhya_Pradesh      May 24 ,2018 07:58