हाल बेहाल: सिंगोड़ी स्वास्थ्य केंद्र पर 40 से ज्यादा गांव के लोग निर्भय,  नियमित डॉक्टर तक नहीं, मरीजों को हो रही परेशानी छिदवाडा / Madhya_Pradesh

हाल बेहाल: सिंगोड़ी स्वास्थ्य केंद्र पर 40 से ज्यादा गांव के लोग निर्भय, नियमित डॉक्टर तक नहीं, मरीजों को हो रही परेशानी

तौफीक मिस्कीनी संवाददाता,  छिदवाडा:-जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत सिंगोडी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राज्य सरकार के सपनों पर पानी फेरने में लगा हुआ है।मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए प्रदेश शासन करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा  रहा है ताकि प्रदेश की जनता को सुलभ और अच्छा ईलाज मिल सके लेकिन यहां पर तो हाल ही कुछ और है इसे विभागीय लापरवाही कहें या फिर स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता।सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था सुधरने का नाम ही नहीं ले रहा है दस हजार वर्ग फिट में बना सिंगोडी ग्राम का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओ के लिए मरीज तरस रहे है।यंहा मरीजों के लिए 30 बिस्तरोंयुक्त सर्वसुविधा युक्त अस्पताल का लोकार्पण प्रदेश के  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया था।और हर प्रकार की व्यवस्था यंहा उपलब्ध कराये जाने की बात कही थी। किन्तु इस अस्पताल में

ओपीडी दवा वितरण केंद्र महिला वार्ड पुरुष वार्ड बच्चा वार्ड सहित आवास भी मौजूद है यंहा का स्वास्थ्य केंद्र सिर्फ गर्भवती महिलाओ के प्रसव हेतू देखने को मिलेगी।बीमारी ग्रस्त या फिर एक्सीडेंट के मरीजों को छिंदवाड़ा या अमरवाड़ा के अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।अगर बीमारी का प्रकोप आ जाए या फिर हादसे में गंभीर घायलों का प्राथमिक उपचार की बात भी आए तो मौके पर कभी डॉक्टर नहीं मिलते जिस कारण गंभीर मरीजो को तत्काल जिला अस्पताल ले जाना पड़ता है। किन्तु सिंगोडी सरकारी  अस्पताल कि यदि व्यवस्थाओं को देखा जाए तो इसकी हालत बहुत बद से बदतर हो गई हैं ऐसा लगता है की इस अस्पताल को देखने वाला कोई है या नही।यहां की स्थिति बिगत कई वर्षो से ऐसी है कि इस स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर कभी भी सही समय पर नहीं आते।और धोखा से यदि कभी आ भी गए तो 1घंटे बाद तुरंत उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर चले जाते हैं।यहां के मरीज प्राईवेट डॉक्टरों से ईलाज कराने को मजबूर है अगर कोई सड़क हादसा या फिर कोई ऐसी घटना अचानक हो जाए तो गंभीर हालत पर उसे जिला अस्पताल ले जाने को परिवार जन मजबूर हो जाते है।ऐसा लगता है कि डॉक्टर सिर्फ यहां आराम करने आते हैं और अपनी उपस्थिति देने हेतु उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर कर घर चले जाते हैं राज्य सरकार भले ही करोड़ों रुपए पानी की तरह लोगों के स्वास्थ्य ईलाज के लिए खर्चा कर रही है लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिंगोड़ी म0प्र0 सरकार के सपनों पर पानी फेरने में लगा हुआ है वही यदि देखा जाए तो हर समय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का एक ही पुराना रटा-रटाया जवाब यंहा मिलता है कि मेरी जानकारी में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है मैं स्वयं जाकर अस्पताल का जायजा लूंगा और जो कमियां हैं उन्हें दूर कराने का प्रयास करूँगा।लेकिन आज तक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस हॉस्पिटल में आना उचित नहीं समझा।न ही कभी यंहा के क्रियाकलापो की जानकारी ली जिससे यंहा पदस्त कर्मचारी अपनी मनमानी करने में लगे हुए है ।

मध्यप्रदेश की राजनीति में बदलाव का दौर शुरू हो गया है। अब शतरंज की राजनैतिक बिसात पर शह और मात का खेल जोरों पर है। भारत में कांग्रेस हो या बीजेपी या कोई अन्य दल, इतिहास बताता है कि यहा चौसर की बिसात पर राजनीति हुई है। बड़ी बात यह है कि इस देश में हर दल के अंदर खिलाड़ी मौजूद है। जो अपनों को अपने फायदे के लिये मात देने में पीछे नहीं हटते। इस खेल में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चैम्पियन है। पूरे प्रदेश में जब सरकार के प्रति जनता की…

 

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सीएमएचओ के आदेश के बाद पहुंची नई एक्सरा मशीन -

सिंगोड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 30 बिस्तरो वाला अस्पताल है यहां पर सन् 1998 से एक्सरे मशीन आई हुई है मशीन आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में इसे चलाने के लिए टेक्नीशियन नही पहुंचाया गया।जिस कारण यहां एक्सरे मशीन चालू नहीं हो सकी।और इस एक्सरे मशीन का लाभ मरीजों को नहीं मिल पाने के कारण यहां आने वाले मरीज शहर जाकर एक्सरे करवाने पर मजबूर हो गए।जैसे तैसे व्यवस्था के तौर पर रोगी कल्याण समिति के माध्यम से कुछ दिनों तक एक्सरे टेक्निसिअन को रखा गया किन्तु कुछ समय बाद अब यह मशीन सीएमएचओ के आदेश होने पर सिंगोड़ी की एक्सरे मशीन को जिला हॉस्पिटल बुला लिया गया।लेकिन सिंगोडी सहित आसपास के 40 से 50 गांव के नागरिकों को एक्सरे मशीन की इस अस्पताल में सख्त जरूरत है और रोज यहां पर फैक्चर से लेकर बिभिन्न प्रकार के हड्डियों से संबधित मरीज पहुंचते है जिन्हें  छिंदवाड़ा के अस्पताल पहुंचा दिया जाता है नहीं तो प्राईवेट क्लिनिक मे जाकर एक्सरे कराने को मजबूर होते है ।

पीएम करवाने जाना पड़ता है अमरवाड़ा ,  शोभा की सुपारी बना सिंगोड़ी का चीलघर 

ग्राम सिंगोड़ी सहित आसपास के अनेक ग्रामीण क्षेत्रों के ग्रामीण लोग ग्राम सिंगोडी के इस सरकारी अस्पताल पर निर्भर रहते हैं और किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अन्य कारणों से मौत होने पर परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए ले अमरवाड़ा ले जाना पड़ता है।जिससे लोगो को बहुत दिक्कतों और परेसानियो का सामना करना पड़ता है।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिंगोड़ी में पीएम करने वाला कोई भी डॉक्टर नहीं है।जिससे लोगो को दिन दिन भर इंतेज़ार करना पड़ता है ग्राम के बाय पास मार्ग पर एक चील घर का निर्माण किया गया है जो विगत 4 से 5 वर्षो पूर्व में बना हुआ है।लेकिन वह सिर्फ और सिर्फ मात्र शोभा की सुपारी बना हुआ है इस चील घर के अंदर कूड़ा करकट व घास फूल के साथ गंदगी का भारी अम्बार लगा हुआ है जिसकी देखरेख करने वाला कोई नही है।कई बार इसी गंदगी वाले चील घर पर पोस्टमार्टम किया जाता है।किन्तु कई वार पोस्टमार्टम के लिए लोगों को अमरवाड़ा या छिंदवाड़ा जाना पड़ता है जबकि सिंगोड़ी में ही चील घर बना हुआ है किन्तु वह सिर्फ दिखावा के लिये है जो कि शोभा की सुपारी है।शासन प्रशासन का ग्राम की इस समस्या को लेकर लोगो ने अनेको बार  ध्यानाकर्षण कराया किन्तु आज तक कोई कार्यवाही नही हुए लेकिन अब ग्रामीण आंदोलन की राह पर है यदि जल्द ही व्यवस्थाओ पर सुधार नही होता है तो इस ग्राम में एक बड़ा जनआंदोलन होगा।

छिदवाडा / Madhya_Pradesh      May 04 ,2018 17:02