अवैध रेत उत्खनन की काली कमाई पर प्रशासन की तना- तनी- / Madhya_Pradesh

अवैध रेत उत्खनन की काली कमाई पर प्रशासन की तना- तनी-

आलेख -अमित कुमार गौतम "स्वतंत्र"

रेत का अवैध उत्खनन मध्य प्रदेश के आला अधिकारियों के सिर चढ़कर बोल रहा है कोई अंकुश की बात करता है कोई इल्जाम लगाता है !अवैध रेत उत्खनन अंकुश लगाने की बात होते आला अधिकारियों की तना-तनी स्थिति बन जाना स्वभाविक पारम्परिक बात है,फिर क्यों न हो किसी को काली मोटी कमाई मिल रही है कोई इमानदारी का मुखोटा पहनकर अंकुश लगाने की तैयारी में जुटा है! चुनाव नजदीक  आ चुके हैं और आला अधिकारीयो पर दवाब होना लाजमी फिर काली कमाई करना जायज है और ईमानदारी का मुखोटा पहने आला अधिकारियो की तनातनी भी जायज है!चुनाव नजदीकी पर कमीशन खोरी और दलाली का पैसा गुणवत्ता पूर्ण समझा जाता है! अवैध कार्यो मेअंकुश लगाने के लिये IAS एवं IPS आला अधिकारियो को संगत पूर्ण कार्य करना रास नही आ रहा है, सभी अपनी शक्तियो को कम न जताने के गुंजाईस मे लगे हुए है साथ मे काली मोटी कमाई खाने कि प्रबल इच्छाओ से पर्णित है ।कमीशन खोरी व काली कमाई इतना प्रबलता से बढ रहा है कि  आज आला अधिकारियो को अपनी गरिमा पर चिंतन व प्रशासनिक व्यवस्था लिए समय नही है ।एक निम्न स्तर से उच्च स्तर तक चक्र कि भाति वातावरण निर्मित है जहा प्रतिशतो मे चर्चाएँ होती है!

 मध्यप्रदेश के जिला सीधी मे आये दिनो IPS और IAS की तना-तनी सुर्खियॉ बटोर रही है, आरोप प्रत्यारोपो से खुद को पाक साबित करने कि होड लगी है जिसमे पद कि गरिमा क ख्याल रखना तो दूर तो वही प्रशासनिक व्यवस्थाओ से परे नजर आ रहे है आला अधिकारी! आरोप-प्रत्यारोपो की झडी ही नही दूरगामी कार्यवाही कराने कि भी चर्चाए सरगर्मिया जोरो से है वही समाज और शासन के समुख एक दूसरे को बेनकाव करने कि कवायद  जारी है! प्रशासनिक व्यवस्था का आलम ऐसा बन गया है कोई साथ मिलकर काम नही करना चाहता बल्कि अवैध रेत उत्खनन की काली कमाई खाने कि जुगत पर जुगत तलासी जा रही है ।जिले के चुरहट एसडिएम पर अराजक तत्वो साथ मदिरा सेवन व संगत जैसे आरोप पुलिस अधिक्षक के कितने सच साबित होते है वही एसडिएम चुरहट के पुलिस प्रशासन का सहयोग न मिलने कि बात का राज क्या है राज ही बना हुआ है ।आज सुर्खियो मे बने रहने का एक विजन सा छाया है जिसमे गरिमा को तार-तार कर ब्यान बाजिया होना लाजमी है ।

*सवाल रह जाता है एसडिएम चुरहट को धमकी कौन दिया व किससे डर है? पुलिस प्रशासन सहयोग क्यो नही कर पा रही? रेत की कमाई पर क्या हर कोई बराबर का हिस्सेदार होना चाहता ह? सच कि तलास आज समाज और शासन दोनो को है!*  जिले कि प्रशासनिक व्यवस्था स्वंय के भँवर जॉल मे फसी और घिरी थप्प है और आला अधिकारी ईमानदारी का मुखौटा दिखाने की होड मे अव्वल दिखाई दे रहे है!

/ Madhya_Pradesh      Apr 04 ,2018 14:31