बेटी-बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के मिल रहे फर्जी फॉर्म, जनप्रतिनिधी हुए परेशान / Madhya_Pradesh

बेटी-बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के मिल रहे फर्जी फॉर्म, जनप्रतिनिधी हुए परेशान

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जबलपुर। जबलपुर में केन्द्र की योजना के फर्जी फॉर्म की बिक्री से जनप्रतिनिधी परेशान है। आये दि कोई न कोई उनके पास ऐसा एक फर्जी फॉर्म लेकर आता है और उनके हस्ताक्षर की बात करता है। मामला कैन्द्र सरकार की बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ योजना का है। कुछ जालसाजों ने अवैध उगाही का हथकंडा बना लिया है। पांच रुपए का आवेदन पत्र देकर योजना के तहत दो लाख का लाभ िदलाने का दावा करने वाले बेटियों के अभिभावकों को ऐसे स्वप्न दिखाए जा रहे हैं, जिसे पूरा करने की बात न तो केन्द्र शासन ने की है और न ही जिम्मेदार विभाग ने।Read more... मध्यप्रदेश शासकीय गैंगमैन श्रमिक संघ करेगा 9 अप्रेल को धरना प्रदर्शन

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ताज्जुब की बात तो यह है कि इस बारे में संबंधित विभाग के जिम्मेदारों को भी भनक नहीं है। पता चला है कि पूरे जिले में एक फॉर्म बिक रहा है, जिस पर बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ योजना का लोगो बना हुआ है। इसमें आवेदन करने वालों से उनकी पूरी व्यक्तिगत जानकारी के तहत आधार नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक खाते का नंबर, बैंक और उसकी शाखा का नाम आदि भरवाए जा रहे हैं। िकसी सरकारी आवेदन पत्र की तर्ज पर तैयार किए गए इस फर्जी फॉर्म में योजना से संबंधित भ्रामक जानकारी भी अंकित की गई है। सूत्रों की माने तो इन फर्जी आवेदन पत्रों की बिक्री कलेक्ट्रेट के आस-पास से की जा रही है। साथ ही जालसाज लोगों को यह झांसा भी दे रहे हैं कि वे आवेदन पत्र भरकर देंगे और उसे वे जमा करवा देंगे। 

मामले का खुलासा तब हुआ जब फॉर्म भरवाने वाले इसे भरकर अपने इलाके के किसी जनप्रतिनिधि के हस्ताक्षर करवाने के लिए कह रहे हैं। दरअसल, शहर के कुछ जनप्रतिधियों के पास नागरिक यह फर्जी फॉर्म लेकर गए और इस पर सील-साइन करने की मांग की। पहले तो जनप्रतिनिधियों को भी समझ नहीं आया कि केन्द्र की इस योजना में वाकई कोई लाभ दिया भी जाना है या नहीं। जब कुछ जनप्रतिनिधियों को मामला संदेहास्पद लगा, तो उन्होंने इसकी प्रमाणिकता जानने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों से सम्पर्क साधा। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि विभाग ने ऐसा कोई फॉर्म जारी नहीं किया है। इसके अलावा यह योजना सिर्फ लोगों को जागरूक करने के लिए चलाई जा रही है और इसमें किसी भी किस्म का आर्थिक लाभ मुहैया कराने का कोई वादा नहीं किया गया है। 

जिन जनप्रतिनिधियों के पास लोग फर्जी फार्म पर हस्ताक्षर कराने पहुंच रहे हैं, वे बाकायदा लोगों को जागरूक करने की कोशिश करते हुए उन्हें इस फर्जीवाड़े की सूचना दे रहे हैं। इन्हीं में से एक एमआईसी सदस्य और पार्षद इंद्रजीत कुंवर पाल सिंह शेरू के समक्ष भी कुछ लोग आवेदन पत्र हस्ताक्षर कराने के लिए लाए थे। श्रीमती शेुरू का कहना है कि उन्होंने कई मर्तबा लोगों को समझाइश दी कि केन्द्र की इस योजना में कोई फॉर्म नहीं भरवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योजना की जानकारी देने वाले वीडियो तक को लोगों को दिखाया गया, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं है। उल्टा लोग कह रहे हैं कि यह फॉर्म पूरे जिले में बांटे जा रहे हैं और लोग इसका फायदा भी उठा रहे हैं। जब लगातार कई लोग इस तरह के फॉर्म लेकर आने लगे तो उन्होंने इस बारे मेंे महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर पूरी स्थिति से उन्हें अवगत कराया। 

जानकारों का कहना है कि आवेदन पत्र में जिस प्रकार की जानकारी नागरिकों से भरवाई जा रही है, उसका दुरुपयोग भी किया जा सकता है। बताया जाता है कि फॉर्म में आधार नंबर के साथ ही बैंक खाते की डीटेल्स आदि मांगे जा रहे हैं। इस स्थिति में इनका दुरुपयोग होने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। 

ईइस बारे में शिकायतें मिली हैं कि बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ योजना के तहत लाभ दिलाने के नाम पर आवेदन पत्र भरवाए जा रहे हैं। इसके लिए विभागीय स्तर पर पता लगाया जा रहा है कि इस प्रकार के फॉर्म किनके द्वारा भरवाया जा रहा है और इन्हें कहां जमा करावाया जाता है। 

/ Madhya_Pradesh      Apr 04 ,2018 04:57