तो इसलिए आज तक जलाई जा रही है होली /

तो इसलिए आज तक जलाई जा रही है होली

भारत में वर्ष भर बहुत से त्यौहार मनाये जाते है इसी क्रम में होली भी भारतीय परंपरा का मुख्य त्यौहार है, जो हिन्दू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है. होली रंगों का त्यौहार है जिसमे रंग, गुलाल, अबीर को एक दूसरे पर डाला जाता है. तथा फाल्गुन के गीत गाए जाते है. फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन होलि का दहन किया जाता है इसके पश्चात रंगों से होली खेली जाती है क्या आप जानते है की होली खेलने के पूर्व होलिका दहन क्यों किया जाता है? इसके पीछे एक पौराणिक कथा है आइये जानते है. पौराणिक कथा के अनुसार हिरण्यकश्यप नामक दैत्य ने अपनी कड़ी तपस्या के फलस्वरूप ब्रह्मदेव से वरदान प्राप्त किया था की उसे कोई देव-दानव,मानव-पशु न दिन में मार सकता है न रात्री में, न जमीन में मार सकता है न आकाश में, न अस्त्र से मार सकता है शास्त्र से इस वरदान को प्राप्त कर उसने तीनों लोकों पर अधिकार कर लिया व खुद को भगवान मानने लगा तथा अपने को भगवान मानने के लिए लोगों को विवश करने लगा
/      Mar 01 ,2018 10:26