रा-फेल पर कितने का खेल?, पीएम के भाषण में दिखा कांग्रेस का डर / delhi

रा-फेल पर कितने का खेल?, पीएम के भाषण में दिखा कांग्रेस का डर

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भोपाल। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरेआम राफेल डील पर सवाल उठाये है। कांग्रेस ने इस डील में भ्रष्टाचार व घोटाले की आशंका भी प्रकट कर दी है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदन में बहुत कम दिखाई देते है। तीन दिन से विपक्ष राफेल लड़ाकू विमान खरीदी सोदे की डील को सार्वजनिक करने की बात कर रहा है तो मोदी सरकार ने गोपनीयता का हवाला देकर जानकारी देने में लीपापोती कर दी। ऐसे में संदेह का पनपना स्वाभाविक हैं। अब जब पीएम सदन में आये भी तो उन्होंने देश की तमाम समस्याओं के हल को छोड़ कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष पर हमला बोल दिया। इसे राजस्थान चुनाव में कांग्रेस की जीत और गुजरात में कांग्रेस को मिले अच्छे जनसमर्थन से जोड़ कर देखा जा रहा है। सदन में पीएम मोदी का संबोधन चुनावी भाषण से कम नही था। चुनावी मंच से कांग्रेस पर हमला बोलने तक तो ठीक लेकिन सदन में भी? ऐसे में रा-फेल पर कितने का खेल ? देश की जनता के मन में यह सवाल उठना लाजमी है। पीएम के भाषण में कांग्रेस का डर साफ दिखाइ दे रहा है।
                    आपको बता दे दो साल पहले पीएम मोदी फ्रांस गए थे और 36 राफेल विमानों की डील साइन किए जाने का जोरदार डंका बजाया था। यह राफेल लड़ाकू विमान फं्रास की कंपनी डसाल्ट एविएशन कंपनी बनाती है। लॉयन न्यूज को मिली जानकारी के अनुसार फं्रास की वायुसेना को यही टू-सीटर राफेल करीब 592 करोड़ रूपए याने 74 मिलियन यूरो प्रति राफेल की कीमत पर बेची गई है जबकि हिंदुस्थान के लिए इसकी कीमत 752 करोड़ रूपए याने 94 मिलियन यूरो तय की गई है। ऐसे में हिंदुस्थान ने प्रति विमान 160 करोड़ रूपए ज्यादा दिए हैं इसी तरह सिंगल सीटर राफेल फ्रांस की वायुसेना 550 करोड़ रूपए याने 68 मिलियन यूरो में खरीद रही हैं और भारतीय वायुसेना इसे 728 करोड रूपए यानी 91 मिलियन यूरो में ख्रीद रही है। ऐसे में इस सवाल को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है कि राफेल डील में कितने का खेल हुआ ?
                  गौरतलब है कि 2007 में कांग्रेस की यूपीए सरकार ने राफेल खरीद की प्रक्रिया शुरू की थी। जिसे बाद में ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। नई कीमत और शर्तो के साथ्ज्ञ 2015 में मोदी सरकार ने इस सौदे को फिर से जीवित किया। 120 राफेल का सौदा  36 पर आ गया। एक विमान की कीमत 670 करोड़ रूपए बताया गया, जिसमें जरूरत के अनुसार हथियार, कल पुर्जे व 5 साल के रख-रखव की कीमत जोड़कर एक राफेल 1,640 करोड़ रूपए का हो गया। 2022 तक सभी विमानों की डिलिवरी हो जानी है। आश्चर्य की बात यह है कि जब 2016 में लोकसभा में रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे राफेल डील की कीमत का खुलासा कर चुके है तो क्या उस कीमत में कोई हेरा फेरी की गई है? सरकार अब इस डील को गोपनीयता का बहाना बताकर क्यों छुपाने में लगी है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष ने इस बारे में कई ट्वीट किए है और ट्वीट पर हेशटैंग दिया है।  जब ये सारी बाते खुद सरकार सार्वजनिक कर चुकी है तो अब इसे बताने में दिक्कत क्या है? ऐसे में शक होना स्वाभाविक है कि कही कीमतो में हेरा - फेरी तो नही की गई है? वही इन सब को छोड़ सदन में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संबोधन भाषण किसी नेता के चुनावी भाषण से कम नही रहा। जानकार इसके पीछे कांग्रेस के बढ़ते ग्राफ की चिंता बता रहे है। ऐसे में पीएम के भाषण में भी कांग्रेस का डर साफ दिखाइ दे रहा है।

/ delhi      Feb 08 ,2018 02:05