जाति के मामले में अजीत जोगी को मिली राहत, कांग्रेस बोली रमन सिंह और जोगी के बीच अवैध राजनीतिक गठबंधन हुआ उजागर / chhattisgad

जाति के मामले में अजीत जोगी को मिली राहत, कांग्रेस बोली रमन सिंह और जोगी के बीच अवैध राजनीतिक गठबंधन हुआ उजागर

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प्रमोद दुबे, रायपुर। छत्तीसगढ़ में पुराना राजनीतिक विवाद फिर ताजा हो गया है। अजीत जोगी की जाति के मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया। हाईकोट ने सरकार की हाई पावर कमेटी को ही अवैध करार दिया है। इस कमेटी ने जोगी की आदिवासी जाति को फर्जी बताया था। चीफ जस्टिस टीबी राधाकृष्णन और जस्टिस शरद कुमार गुप्ता की बेंच ने कहा कि समिति अधिसूचना के बगैर ही जोगी की जाति की जांच की ओर रिपोर्ट दी। इससे उसकी रिपोर्ट को वैध नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने पूरे मामले की नई समिति के जरिए नए सिरे से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जाति के मामले में अजीत जोगी को फिलहाल राहत मिल गई है। वहीं कांग्रेस इसे मुख्यमंत्री रमन सिंह और जोगी के बीच अवैध राजनीतिक गठबंधन से जोड़ रही है। इस पूरे मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की चीफ भूपेश बघेल का कहना है कि यह मुख्यमंत्री और जोगी के बीच अवैध गठबंधन है। इस फैसले के बाद दोनों का राजनीतिक गठबंधन उजागर हुआ हैं।
                 जोगी ने याचिका में अधिसूचना के बगैर समिति के गठन समेत अन्य आधारों पर ही समिति के गठन समेत अन्य आधारों पर ही समिति की रिपोर्ट और अनुशंसा को चुनौती दी थी। वहीं, महाधिवक्ता जेके गिल्ड़ा ने कहा कि कोर्ट ने अधिसूचना के बगैर समिति के गठन को ही गलत माना हैं। समिति की रिपोर्ट और फैक्ट फाइंडिग पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है। कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक फिर से समिति गठित की जाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की जाति के मामले में उच्च स्तरीय जाति छाबीन समिति ने 27 जून 2017 की रिपोर्ट सौंपी थी, इसमें जोगी कंवर जानजाति का नहीं मानते हुए उनके जाति प्रमाण पत्र को गलत ठहराया गया था। समिति ने उनके जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने की अनुशंसा की थी। इस पर कार्रवाई करते हुए बिलासपुर कलेक्अर ने तीन जुलाई 2017 को जोगी का जाति प्रमाण पत्र का निरस्त कर दिया था। इसके बाद जोगी ने अधिवक्ता ब्रायन डिसिल्वा, शैलेंनद्र शुक्ला, समष्टि सालोमन के जरिए कमेटी की रिपोर्ट के खिलाफ 524 पेज की याचिका हाईकोर्ट में पेश की थी। इसमें सुप्रीम कोर्ट द्वारा माधुरी पाटिल मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों के मुताबिक और अधिसूचना जारी किए बगैर हाई पॉवर कमेटी का गठन करने, जाति की जांच के लिए बनाई गई विजिलेंस अीम की रिपोर्ट की अनदेखी करने समेत अन्य आधार पर समिति की रिपोर्ट और अनुशंसा को निरस्त करने की मांग की गई थी।
              इस पूरे मामले पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की चीफ भूपेश बघेल का कहना है कि यह मुख्यमंत्री रमन सिंह ओर अजीत जोगी के बीच अवैध गठबंधन है। इस फैसले के बाद दोनों का राजनीतिक गठबंधन उजागर हुआ हैं। मुख्यमंत्री ने जोगी को फायदा पहुंचाने के लिए ही गलत तरीके से हाई पॉबर कमेटी का गठन किया था। वहीं जोगी इसे शुभ संकेत बता रहे है।

/ chhattisgad      Jan 31 ,2018 03:10