सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने जनता की अदालत में रखी ‘‘मन की बात’’ वो चिट्ठी, जिस पर मचा है बवाल Delhi / delhi

सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने जनता की अदालत में रखी ‘‘मन की बात’’ वो चिट्ठी, जिस पर मचा है बवाल

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नई दिल्ली। देश के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ने प्रेस कांफ्रेंस करके अनियमितता के आरोप जड़े हैं। ईशारा चीफ जस्टिस अॉफ इंडिया यानी सीजेआई की ओर था। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस की इस करतूत को कोई सही तो कोई गलत बता रहा हैं। तो वहीं जानकारी इसे देख की जनता के बीच गलत संदेश जाने की बात को कहा। मामला गंभीर है। राजनीति होना तय है। कांग्रेस इसे गंभीर बताते हुए संसद में बहस की मांग की बात कह रही हैं तो सत्तापक्ष इससे बचते हुए मसलें को जजों के पाले में ही सुलझाने की बात कह कर मामलें से पल्ला झाड़ रही है। तो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममला बेनर्जी इसे लॉटरी लगना जैसा मान रही हैं।

          चारों ने कहा कि सीजेआई पर देश फैसला करे। इधर प्रेस कांफ्रेंस चल ही रही थी कि पीएम नरेंद्र मोदी ने कानून मंत्री को बुला लिया। खबर यह भी आई कि अब सीजेआई भी प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। आइए जानते हैं आखिर इन चारों जस्टिस ने सीजेआई को खत में ऐसा क्या लिख दिया कि इसके सार्वजनिक होते ही बवाल मच गया।
             सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जे चेलमेश्वर के नेतृत्व में जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस कुरियन जोसेफ और जस्टिस बी लूकर ने अचानक प्रेस कांफ्रेंस कर दुनिया भर को चकित कर दिया। उनका आरोप था कि सुप्रीम कोर्ट में सामूहिक रूप से फैसले लेने की परंपरा रही है। लेकिन अब इससे किनारा किया जा रहा है। महत्वपूर्ण मामले खास पसंद की बेंच को असाइन किए जा रहे हैं। इस भेदभावपूर्ण रवैए से न्यायपालिका की छवि खराब हुई है। ऐसे मामले जिनसे सुप्रीम कोर्ट की अखंडता प्रभावित होती है उनके असाइनमेंट में पक्षपात हो रहा है।
प्रेस कांफ्रेंस की महत्‍वपूर्ण 8 बातें
1- देश की आजादी के बाद यह सब संविधान इतिहास में पहली बार हो रहा है।
2- किसी भी देश में लोकतंत्र के जीवन के लिए स्‍वतंत्र न्‍यायपालिका जरूरी है।
3- पिछले कुछ महीनों से सुप्रीम कोर्ट के प्रशासन में अनियमितता यानी 'नॉट इन ऑर्डर' थी।
4- हमारे पास देश से सीधे बात करने के अलावा और कोई विकल्‍प नहीं बचा था।
5- न्‍यायपालिका की गरिमा के खारित हम चारों ने सुप्रीम कोर्ट की प्रशासनिक अनियमितता पर सीजेआई को खत लिखा था।
6- हमने सीजेआई से मिलकर भी बात की लेकिन वे नहीं माने।
7- हम चारों ये कतई नहीं चाहते कि 20 साल बाद हम पर कोई आरोप लगाया जाए कि हमने अपना ईमान बेच दिया था।
8- यह पूछने पर कि आप सीजेआई पर आरोप लगा रहे हैं तो उनका जवाब था हम उन पर कोई आरोप नहीं लगा रहे।

जस्टिस जे चेलमेश्‍वर सहित चार जस्टिस द्वारा चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को लिखा 7 पन्‍नों का वो खत (मूल प्रति)
Sitting Justice of Supreme Court press conference, CJI Dipak Mishra, Justice J Chelameswar, Justice Madan B Lokur, Justice Ranjan Gogoi, Justice Kurian Joseph, supreme court cases Rank not in order
पहला पन्‍ना

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दूसरा पन्‍ना

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तीसरा पन्‍ना

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चौथा पन्‍ना

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5वां पन्‍ना

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6वां पन्‍ना
Sitting Justice of Supreme Court press conference, CJI Dipak Mishra, Justice J Chelameswar, Justice Madan B Lokur, Justice Ranjan Gogoi, Justice Kurian Joseph, supreme court cases Rank not in order
7वां पन्‍ना

Delhi / delhi      Jan 12 ,2018 17:46