शिक्षा विभाग की लापरवाही से अध्यापक ने की खुदकुशी छिदवाडा / Madhya_Pradesh

शिक्षा विभाग की लापरवाही से अध्यापक ने की खुदकुशी

युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया से परेशान था अध्यापक अधिकारियों के बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी नहीं हो रही थी सुनवाई अध्यापक के साथियों में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के प्रति भारी आक्रोश

तौफीक मिस्कीनी, संवाददाता

छिदवाडा। मध्यप्रदेश के  शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते छिंदवाड़ा के परासिया ब्लाक के नागलवाड़ी गांव में एक अध्यापक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। अध्यापक वर्ग ३ कामता प्रसाद पवार ने घर में ही मौत को गले लगाया। वे पिछले दिनों युक्तियुक्त करण के चलते घर से ८० किलोमीटर दूर तबादला होने से परेशान थे। शासन से युक्तियुक्त करण निरस्त होने के बाद भी उनका तबादला हुआ, जिसे कैंसिल करने के लिए अध्यापक कामता प्रसाद पवार ने जिला शिक्षा अधिकारी सहित विकासखंड शिक्षा अधिकारी से कई बार निवेदन किया। यहां पर बता दें कि मृतक जिस स्कूल में पदस्थ था, उसके निर्माण के लिए जमीन अध्यापक ने दान दी थी। बार-बार कार्यालय के चक्कर काटे लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। परिजनों के मुताबिक, अधिकारियों की मनमानी के कारण कई दिनों से वह मानसिक तनाव में थे और आखिरकार उन्होंने फांसी लगाकर अपना जीवन समाप्त कर दिया। मृतक के अध्यापक साथियों ने आक्रोशित होकर शिक्षा विभाग के अधिकारी कर्मचारियों पर जमकर भड़ास निकाली। उनका कहना था कि विभाग में जमकर भर्राशाही मची हुई है और यहां अध्यापकों की समस्याओं की कोई सुनवाई नहीं होती है। देखना होगा कि एक अध्यापक की मौत के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों का रवैया बदलता है या फिर यह भर्राशाही हमेशा ही चलती रहती है।

छिदवाडा / Madhya_Pradesh      Jan 05 ,2018 14:48