प्रदेश सरकार ने दी एनआरआई को लॉलीपॉप, कांग्रेस ने मांगा इन्वेस्टर्स समिट पर श्वेत-पत्र bhopal / Madhya_Pradesh

प्रदेश सरकार ने दी एनआरआई को लॉलीपॉप, कांग्रेस ने मांगा इन्वेस्टर्स समिट पर श्वेत-पत्र

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भोपाल। लॉलीपॉप दिखाकर अरमानों की अर्थी निकालने में माहिर सरकार ने अबकी बार एनआरआई से उम्मीद लगाई है। विजन 2022 तैयार करने के साथ मध्यप्रदेश रत्न से सम्मानित करने जैसी बाते प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने एनआरआई से कहीं हैं। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव ने आठ ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सहित तमाम मसलों पर राज्य सरकार से श्वेत-पत्र जारी किये जाने की मांग की।
                     मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने एनआरआई को लॉलीपॉप दे दी है। उन्होंने कहा कि फ्रेंड्स अॉफ एमपी का अयोजन अगले साल 4 और 5 जनवरी को किया जाएगा। जिसमें एनआरआई एक साल का लेखा-जोखा लेकर आएंगे। इसके साथ ही राज्य शासन प्रतिनिधि भी इसमे भाग लेंगे, विजन 2022 तैयारी किया जा रहे हैं। इसमें आपके सुझाव लिए जाएंगे और अमल भी किये जाएंगे। एक्स्ट्रा अॉर्डनरी काम करने वाले एनआरआई को मध्यप्रदेश रत्न से सम्मानित किया जाएगा। बिजनेस टू बिजनेस बातचीत स्थानीय लोगों के साथ की जाएगी। आप को बता दे इस साल 2018 में विधानसभा चुनाव होना है। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार चुनाव मुड में आ गई है।
       मुख्यमंत्री ने कहा 1 नवंबर प्रदेश का स्थापना दिवस है तो आप सभी अपने-अपने चेप्टर में आयोजन करें। पर्यटन के लिए आपके लिए विशेष पैकेज तैयार किये जायेंगे। प्रदेश की प्रमुख गतिविधियां एक न्यूज लेटर के माध्यम से देनी की व्यवस्था होगी। एक डेटा बेस एनआरआई का भी तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे बच्चे जहां भी जाएंगे उनकी मदद की जाएगी। कई यूनिवर्सिटी यहां आ रही हैं और जो भी शिक्षा क्षेत्र में बेहतर होगा हम उसके लिए कदम उठाएंगे। इसके अलावा एनआरआई सेल भी बनाया जाएगा। सिंगल विंडो सिस्टम के तहत लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे। तो वहीं कांग्रेस इस सब से खुश नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव ने वर्ष 2007 के बाद से अब तक आठ ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, इन आयोजनों में हुए करोड़ों रूपयों के खर्च, देश और विदेशी निवेशकों से हुए हजारों एमओयू, स्थापित व फर्जी उद्योेगों की संख्या, नौजवानों को प्राप्त रोजगार, प्रदेश से दूरी बनाने वाले निवेशकों और फ्रेंड्स अॉफ एमपी को लेकर राज्य सरकार से श्वेत-पत्र जारी किये जाने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ऐसी सभी इन्वेस्टर्स समिट में लाभ किन्हें पहुंचा, ब्रांडिंग किसकी हुई और मप्र का कितना भला हुआ?
श्री यादव ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह पर यह भी प्रहार किया कि उन्होंने संपन्न विगत दो समिटों में अपने संबोधनों में कहा था कि ‘‘मेरी सरकार की अभिलाषा है कि अब मप्र में ही अंबानी पैदा हों।’’ मुख्यमंत्री जी, अफसोस है कि मप्र में किसी गरीब का बेटा तो अंबानी नहीं बन पाया, किन्तु आपका बेटा कार्तिकेय सिंह चैहान जरूर अंबानी बनने की राह पर चल पड़ा है!
           यादव ने आगें कहा है कि राज्य सरकार को वर्ष 2016 में संपन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का स्मरण कराते हुए कहा कि इस समिट में 2630 निवेश के प्रस्ताव सरकार के समक्ष आये थे, जिनमें कुल 5 लाख 62 हजार 847 करोड़ रू. के निवेश का आना संभावित था, सरकार इसमें कितना सफल हो पायी, उसमें से 104 प्रस्ताव फर्जी कैसे निकले, इसके पीछे क्या और किसकी साजिश थी, ऐसे फर्जी प्रस्तावों के माध्यम से निवेशकों के सामने सरकार की अपनी गलत ब्रांडिंग करने की साजिश थी या फिर कोई अन्य कारण, स्पष्ट होना चाहिए।

bhopal / Madhya_Pradesh      Jan 04 ,2018 16:04