दक्षिण की सियासत पर मंथन मालवा की धर्मधानी में / Madhya_Pradesh

दक्षिण की सियासत पर मंथन मालवा की धर्मधानी में

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              उज्जैन। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के समन्वय शिविर की औपचारिक बैठकों की शुरुआत मंगलवार से हो चुकी है। संघ प्रमुख मोहन राव भागवत ने देशभर से आए पदाधिकारियों के साथ विमर्श किया। बीते साल की उपलब्धियों और नए साल की चुनौतियों पर मंथन व विमर्श हुआ। सूत्र की माने तो इस बैठकों में दक्षिण राज्यों में स्वयं सेवक संघ की गतिविधियां बढ़ाने और वहां के ताजा सियासी समीकरणों को लेकर चर्चा गर्म रही। दक्षिण की 129 सीटों पर संघ की सीधी नजर हैं। तो वहीं किसान आंदोलन और कृषि नीतियों पर भी मंथन हुआ। संघ से जुड़े पदाधिकारियों ने शिविर में हुई बैठकों में राजनीतिक चर्चा से इंकार किया है। तो वहीं सूत्र बता रहा है कि उज्जैन में पूर्व में तय कार्यक्रम के तहत संघ का समन्वय शिविर होना भी राजनीति का ही हिस्सा है। आप को बता दे शिविर में भाग लेने के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत 30 दिसंबर की रात ही उज्जैन आ गए थे। दो दिन अनौपचारिक चर्चा के बाद मंगलवार से बैठकों का दौर शुरू हुआ। स्थानीय माधव सेवा न्यास के भवन में 5 सत्रों में बैठकें चलीं। इसमें अनुषांगिक संगठन के पदाधिकारी भी शामिल हुए।
                इस साल मप्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़ के अलावा कर्नाटक व पूर्वी राज्यों में भी विधानसभा चुनाव हैं। राजनीतिक दृष्टि से यह साल संघ और भाजपा दोनों के लिए अहम है। कर्नाटक चुनाव में जीत के समीकरण भाजपा के लिए एक बार फिर दक्षिण का द्वार खोल सकते हैं। बता दें कि तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक व आंध्रप्रदेश और तेलंगाना राज्यों में लोकसभा की 129 सीटें हैं। ऐसे में मिशन 2019 के लिए अभी से तैयारी की जा रही है।

/ Madhya_Pradesh      Jan 04 ,2018 13:42