उत्तराधिकार में हुईं भरतनाट्यम समूह नृत्य की प्रस्तुतियाँ / Madhya_Pradesh

उत्तराधिकार में हुईं भरतनाट्यम समूह नृत्य की प्रस्तुतियाँ

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भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के जनजातीय संग्रहालय में आयोजित परम्परा, नवप्रयोगों एवं नवांकुरों के लिए स्थापित श्रृंखला ‘उत्तराधिकार’ में भरतनाट्यम समूह नृत्य की प्रस्ततियाँ संग्रहालय सभागार में हुईं। इसकी शुरुआत नृत्य अकादमी की निदेशक श्वेता  देवेन्द्र ने अपनी शिष्याओं के साथ भरतनाट्यम समूह नृत्य की दी। अपनी प्रस्तुति  की शुरुआत ‘पुष्पांजलि’ से की जिसमें राग नट्टे आदि ताल में निबद्ध श्लोक रचना से, नृत्य द्वारा भगवान शिव की अराधना की गई। पुष्पांजलि के पश्चात राग कल्याणी एवं रुपकम ताल में निबद्ध ‘जातिस्वरम’ पर  नृत्य की प्रस्तुति  के साथ राग मलिका एवं ताल मलिका में निबद्ध देवी स्तुति-‘वर्णम’ एवं ‘शिव-स्तुति’  में  भाव पक्ष एवं ताल पक्ष का समानरूप  प्रदर्शन कर दर्शकों  को मंत्र मुग्ध किया। श्वेता  देवेन्द्र ने अपनी शिष्याओं के साथ अंत में प्राचीन मंदिरों में पाई जाने वाली मूर्तियों से प्रेरित ताल प्रधान नृत्य ‘तिल्लाणा’ राग हमीर कल्याणी प्रस्तुत कर कार्यक्रम  का समापन किया।

आज के कर्यक्रम में श्वेता देवेन्द्र ने अपनी शिष्याओं तृषा कौशिक, अश्विनी, मालविका, अदिति, वैष्णवी, दीपिका, ऐश्वर्या, नित्या कोशरिया, पूजा पॉल, अर्कजा चैहान के साथ भरतनाट्यम समूह नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी।

 

श्वेता देवेन्द्र ने 7 वर्ष की उम्र से ही शंकर होम्बल के  मार्गदर्शन में भरतनाट्यम सिखना प्रारंभ कर दिया था। बाद में  डॉ.कनक रेल के सानिध्य में नालंदा डांस रिसर्च सेंटर, मुंबई से भरतनाट्यम की गहन शिक्षा प्राप्त किया। श्वेता देवेन्द्र देश और विदेश के कई प्रतिष्ठित मंचों पर भरतनाट्यम प्रस्तुति दे चुकीं हैं। श्वेता देवेन्द्र सुर सिंगार संसद, मुंबई द्वारा सिंगार मणि की उपाधि से भी सम्म्मानित किया जा चुका है। प्रस्तुतियों के दौरान सभागार में उपस्थित दर्शकों ने करतल ध्वनि से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।   

/ Madhya_Pradesh      Dec 31 ,2017 16:33