सारंगी वादन की जुगलबन्दी  हुईं  उत्तराधिकार में / Madhya_Pradesh

सारंगी वादन की जुगलबन्दी हुईं उत्तराधिकार में


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भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के जनजातीय संग्रहालय में आयोजित परम्परा, नवप्रयोगों एवं नवांकुरों के लिए स्थापित श्रृंखला ‘उत्तराधिकार’ में सारंगी वादन जुगलबन्दी एवं भरतनाट्यम समूह नृत्य की प्रस्ततियाँ संग्रहालय सभागार में हुईं। इसकी शुरुआत शान्त रस, राग मिश्र पिलु के साथ की गई। इसे बांदा घराने के सारंगी वादक अली अहमद खाँ एवं मो.अहमद खाँ ने अपनी जुगलबन्दी से मनमोहक बना दिया। शाम के समय गया जाने वाला भारतीय संगीत का राग पिलु गया गया। इसके बाद ठुमरी वादन कर आनन्द भोपाल के दर्शकों ने दिया। ठुमरी अर्द्ध-शास्त्रीय संगीत की एक समान्य शैली है। इसके बोल आमतौर पर अवधी और बृज भाषा में होते हैं।
          प्रख्यात सारंगी वादक उस्ताद नसीर खाँ के शिष्य अली अहमद खाँ एवं मो.अहमद खाँ ने अपने वादन में गट्टे के बाज एवं गायकी अंग को प्राथमिकता देते हैं। देश के अनेकों समारोह में आप दोनो भाईयों नें सारंगी जुगलबंदी एवं गायकी अंग का सफल प्रदर्शन किया है।

/ Madhya_Pradesh      Dec 31 ,2017 16:23