कांग्रेस ने मनाया ‘काला-दिवस’ / Madhya_Pradesh

कांग्रेस ने मनाया ‘काला-दिवस’

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भोपाल। मध्यप्रदेश में मोदी सरकार की नीतियों के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी भोपाल के तत्वावधान में राजधानी भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर ‘काला-दिवस’ मनाया गया।  पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने 8 नवम्बर नोटबंदी को प्रधानमंत्री श्री मोदी का बेमानी कारण बताते हुए कहा कि उनके इस जिद्दी फैसले से न तो भ्रष्टाचार कम हुआ, न आतंकवाद-नक्सलवाद पर लगाम लगी, न ही जाली करेंसी पकड़ी गई और न ही डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा कि देश का एक भी अर्थशास्त्री मोदी के इस फैसले को सही नहीं बता रहा है, भाजपा के लोग जब आपस में चर्चा करते हैं तो वे भी इस फैसले के विपरीत हैं। महंगाई, रोजमर्रा की वस्तुओं से आम आदमी की कमर टूट रही है, किसानों को फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। कानून-व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव ने सभा को संबोधित करते हुए नोटबंदी के एक वर्ष पूरे होने पर केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। श्री यादव ने कहा कि नोटबंदी सदी का सबसे बड़ा घोटाला है, जिससे जहां एक ओर भारत की अर्थव्यवस्था पर प्रहार हुआ है और देश का हर वर्ग आज भी इसके दुष्परिणामों से उभर नहीं पा रहा है, वहीं भारत के इतिहास में मुहम्मद बिन तुगलक की कतार में खड़े प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के इस तुगलकी फरमान ने किसान, व्यापारी और आम नागरिकों के साथ सुनियोजित लूट कर लोगों की जेब पर डाका डाला है। श्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नोटबंदी से काला-धन वापिस आयेगा, जाली करेंसी पर लगाम लगेगी, आतंकवाद-नक्सलवाद पर लगाम लगेगी जैसे जुमले सिर्फ जुमले बनकर रह गये है और ऊपर से जीएसटी की दोहरी मार देश की गरीब जनता, छोटे व्यापारी, किसान और आम नागरिकों की रूहों को झकझोर रही है।
श्री यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा दिया गया हर दावा झूठ का पुलिंदा बताते हुए कहा कि नोटबंदी के समय चलन में 15.44 लाख करोड़ रू. मंे से 15.28 लाख करोड़ रू. वापिस आये, सिर्फ 16000 करोड़ रू. वापिस आये, और 41 करोड़ की नकली करेंसी जाली पाई गई, यानि केवल 0.0013 फीसदी करेंसी नकली पाई गई । जबकि 2000 रू. के नये नोटों की छपाई के लिए 25.391 करोड़ रूपये खर्च हुआ,  क्या मोदी जी इसका गणित समझा पायेंगे? आखिर कहां गया कालाधन? नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री जी आपने एक और जुमला दिया था, जाली करेंसी पकड़ी जायेगी, आखिरकार कहां गई जाली करेंसी? क्या आतंकवाद और नक्सलवाद पर लगाम लगी? यदि लगी है तो श्री मोदी जी जबाव दें कि नोटबंदी के बाद सिर्फ एक वर्ष में ही 17 बड़े नक्सली हमले हुए, जिसमें 69 सुरक्षाकमी शहीद हुए, 86 नागरिक मारे गये? प्रधानमंत्री जी का एक और जुमला नोटबंदी से डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देना था, वह तर्क भी निराधार साबित हुआ। मोदी जी आपको नोटबंदी के दुष्परिणामों का हिसाब देश की जनता के सामने देना ही होगा?
   इस अवसर पर कांग्रेस पदाधिकारी विनोद डागा, सुनील सूद, राजकुमार पटेल, रवि सक्सेना, जे.पी. धनोपिया, विभा पटेल, अशोक जैन भाभा, लोकमन कुशवाहा, साजिद अली, विकास शर्मा, दुर्गेश शर्मा, संगीता शर्मा, आभासिंह, भूपेन्द्र गुप्ता, यशवंत दुबे, गीता मिश्रा, सुशीला गोयल, राशीदा मुस्तफा, संतोष कंसाना, चंद्रा सरवरे, प्रेमलता सैनी, आरती भगौरिया, लता देवरे, यशोदा पांडे, मुबारिका, शाहवर आलम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।

/ Madhya_Pradesh      Nov 08 ,2017 14:44